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जबलपुर @ज्ञानी रजक. पीएम और सीएम दोनों ही पथ विक्रेता योजना के तहत मिले लक्ष्यों को अभी तक पूरा नहीं किया जा सका है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत नगर पालिकाओं की स्थिति ठीक है, लेकिन नगर निगम क्षेत्र में हालात खराब हैं। अभी तक तय लक्ष्य की तुलना में 34 फीसदी प्रकरणों में बैंकों से ऋण की स्वीकृत हो सकी है। जिला पंचायत की स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं है। 50 फीसदी हितग्राहियों को ही मुख्यमंत्री पथ विक्रेता योजना के तहत ऋण का वितरण हो सका है।
जिले में केंद्र सरकार और राज्य सरकार के द्वारा पथ विक्रेता योजना का संचालन हो रहा है। कोरोनाकाल में जिन छोटे स्ट्रीट वेंडर का व्यावसाय ठप हो गया था, उन्हें पुन: शुरू करने के लिए 10 हजार रुपए का ऋण बिना ब्याज के बैंकों के माध्यम से दिया जा रहा है। जिन हितग्राहियों ने 10 हजार रुपए का ऋण लेकर उसे चुका दिया है, उन्हें 20 हजार रुपए के ऋण की पात्रता प्राप्त है। फिलहाल पहली किश्त को लेकर स्थिति ठीक नहीं है। बैंकों से प्रकरण स्वीकृत नहीं हो रहे हैं।
यह है योजनाओं की स्थिति
मुख्यमंत्री पथ विक्रेता योजना
इस योजना का संचालन जिला पंचायत के माध्यम से किया जा रहा है। जिला पंचायत से मिली जानकारी के अनुसार इस साल करीब 4 हजार 644 प्रकरणों का लक्ष्य मिला है। उसमें अभी तक लगभग 2 हजार 280 प्रकरणों में ऋण वितरित हुआ है। यानि आधे से ज्यादा प्रकरणों में यह प्रक्रिया पूरा होना बांकी है। जबकि पिछले साल के प्रकरणों को मिला दिया जाए तो करीब 5 हजार 300 प्रकरणों में ऋण वितरण हो चुका है। हालांकि बैंकों में काफी संख्या में प्रकरण भेजे गए हैं।
फैक्ट फाइल
- 172 प्रकरणों का लक्ष्य उद्यम क्रांति योजना में।
- 4,644 का लक्ष्य मुख्यमंत्री पथ विक्रेता योजना में।
- 19,304 हैं पीएम स्वनिधि योजना के लिए लक्ष्य।
नोट: लक्ष्य चालू वित्तीय वर्ष के।
प्रधानमंत्री स्व-निधि योजना
नगरीय क्षेत्रों में संचालित इस योजना के तहत जिले के नगरीय निकायों को करीब 19 हजार 304 प्रकरणों का लक्ष्य मिला है। इसमें लगभग 6 हजार 960 प्रकरणों में ऋण स्वीकृत हो सका है। नगर पालिका और नगर परिषदों को करीब एक हजार 61 प्रकरणों का लक्ष्य मिला है। इसमें 895 में ऋण वितरित हो चुका है। वहीं अकेले नगर निगम जबलपुर को 18 हजार 243 प्रकरणों का लक्ष्य मिला है लेकिन अभी तक करीब 6 हजार 65 प्रकरणों में ऋण वितरित हुआ है।
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना
उद्योग विभाग की इस योजना के लक्ष्य दिसंबर में आए थे। वहीं पोर्टल जनवरी में प्रारंभ हुआ। ऐसे में इनके पूरा होने में दिक्कत आ सकती है। जिले को 172 प्रकरणों का लक्ष्य मिला है। उसमें 94 प्रकरणों को बैंकों को भेजा गया है। उसमें लगभग 10 प्रकरणों को स्वीकृति मिली है। वहीं दो में ऋण का वितरण हो सका है। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक विनीत रजक ने बताया कि इस माह ज्यादा से ज्यादा प्रकरणों में ऋण वितरित कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
Published on:
04 Mar 2022 12:02 pm
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