
Maharishi Mahesh yogi
वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार इसकी कीमत 44 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है। ट्रस्ट के संचालकों ने इसकी शिकायत पुलिस थाने से लेकर सीएम हेल्पलाइन तक की है। प्रशासन का दावा है कि शिकायत की जांच कराई जा रही है। दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
भावातीत ध्यान योग के प्रणेता महर्षि महेश योगी ने दुनिया को वेद का पाठ पढ़ाया। उनके कई देशों में आश्रम और संस्थान चल रहे हैं। लेकिन संस्कारधानी से जुड़ाव होने के कारण उन्होंने सबसे पहला ट्रस्ट जबलपुर में बनाया था। स्पिरिचुअल रिजनरेशन मूवमेंट फाउंडेशन ऑफ इंडिया नामक इस ट्रस्ट द्वारा संस्कृत विद्यालय सहित आध्यात्मिक गतिविधियों का केंद्र बनाने के लिए बरगी क्षेत्र के मानेगांव में 98 एकड़ जमीन खरीदी गई थी। जिसके कुछ हिस्से में निर्माण भी कराया गया था।
महर्षि के करीबी रहे जादूगर एसके निगम ने बताया कि ट्रस्टी दिल्ली मुख्यालय में रहते हैं। इसी का लाभ भू माफिया ने उठाया और मार्च 2023 में 44 एकड़ जमीन बेंच दी। निगम की माने तो मुम्बई के एक कारोबारी ने कुछ और लोगों के साथ मिलकर कथित तौर पर वसीयत बनाकर यह पूरा खेल किया।
ट्रस्ट के पदाधिकारी परेशान
इस मामले से महर्षि के ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारी परेशान हैं। क्योंकि जबलपुर समेत कई अन्य जिलों में महर्षि के ट्रस्ट की जमीन व दूसरी सम्पत्तियां हैं। अंदेशा है कि ऐसा ही खेल भूमाफिया दूसरी जगहों पर भी कर सकता है। कटनी जिले के करौंदी में ट्रस्ट वैदिक विश्वविद्यालय व वेद विद्यापीठ का भी संचालन करता है। वहीं, जबलपुर शहर में भी ट्रस्ट की सम्पत्तियां हैं।
दस्तावेज तलब, होगी पूछताछ
मामले में बरगी पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी लक्ष्मण झारिया ने बताया कि शिकायत मिली है, ट्रस्ट से जमीन के दस्तावेज तलब किए हैं, वहीं जमीन बेचने और खरीदने वालों का पता लगाकर उनसे भी रिकॉर्ड मंगाए जा रहे हैं। मामले में ट्रस्ट के पदाधिकारियों समेत कथित तौर पर जमीन बेचने और खरीदने वालों के बयान भी दर्ज किए जाएंगें।
वर्जन
- जमीन अवैध तरीके से बेचने की शिकायत व्यक्तिगत रूप से मेरे संज्ञान में नहीं आई है। फिर भी पंजीयक कार्यालय से जानकारी लेकर जांच कराई जाएगी। यदि धोखाधड़ी सामने आती है तो आपराधिक मामला दर्ज कराया जाएगा।
सौरभ कुमार सुमन, कलेक्टर
Published on:
04 Jul 2023 01:14 am
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