
काशी के कलाकार ने तैयार की जबलपुर के लिए मां दुर्गा की प्रतिमा
जबलपुर. Sharadiya Navratri में इस बार प्राचीन धर्मनगरी काशी और संस्कारधानी जबलपुर के बीच एक अनूठा रिश्ता कायम होने जा रहा है। इस बार जबलपुर के लिए मां जगत जननी, आदिशक्ति मां दुर्गा की प्रतिमा को आकार दिया है काशी के मूर्तिकार ने। इतना ही नहीं ये प्रतिमा काशी में प्रवाहमान मां गंगा की मिट्टी से तैयार की गई है।
यह प्रतिमा सिद्धी बाला बोस लाइब्रेरी एसोसिएशन के सौजन्य से सिटी बंगाली क्लब में स्थापित होगी। काशी के युवा शिल्पी अभिजीत विश्वास ने बंगीय परंपरा के अनुसार एक चाल की प्रतिमा तैयार की है। वो भी महज 12 दिन में। प्रतिमा का निर्माण जबलपुर में ही हुआ है। लेकिन इसके लिए अभिजीत काशी से मां गंगा की मिट्टी साथ ले गए थे।
प्रतिमा को भव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए युवा मूर्तिकार अभिजीत ने पारंपरिक एकचाली विधा के साथ नवीन प्रयोग भी किए हैं जो उनकी अपनी विधा का द्योतक है। इस अभिनव प्रयोग ने मां की प्रतिमा को भव्य स्वरूप प्रदान करते हुए उसे जीवंत बना दिया है। बता दें कि प्रतिमा निर्माण के लिए आमतौर पर सोला का साज प्रयोग में लाया जाता है। लेकिन अभिजीत ने सोला के साज के स्थान पर चांदी का प्रयोग किया है।
बता दें कि प्रतिमा निर्माण अभिजीत का पुश्तैनी पेशा है। वह तीन पीढी से प्रतिमा निर्माण कर रहे हैं। आपके पिता चिन्मय विश्वास, "चीनू दा" चावल से प्रतिमा गढने के लिए विख्यात रहे। वह बताते हैं कि करीब 60 साल पूर्व दादा प्यारेमोहन विश्वास ने वाराणसी के कमच्छा इलाके में प्रतिमा निर्माण कार्य आरंभ किया था।
सिद्धी बाला बोस लाइब्रेरी एसोसिएशन के अध्यक्ष सुब्रत पाल व सचिव प्रकाश साहा के मुताबिक इस वर्ष दुर्गापूजा के दौरान पूजा पंडाल को पंडाल को इंडिया गेट का स्वरूप प्रदान किया जा रहा है। इसमें मां दुर्गा सपरिवार, मां सरस्वती, मां लक्ष्मी, गणेश व कार्तिकेय के साथ विराजेंगी। पूरे नवरात्र भर कोरोना गाइडलाइन के पालन पर खास ध्यान दिया जाएगा।
Published on:
05 Oct 2021 12:56 pm
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