
Sanjay Gandhi Hospital to emergency medical center to drug counter
जबलपुर. वायरल बुखार और चिकनगुनिया का संक्रमण मरीज को एक महीने तक दर्द दे रहा है। बुखार ठीक होने पर भी मरीज हाथ-पैर के दर्द से एक महीने तक कराह रहे हैं। इस बीमारी के संक्रमण की प्रतिरोधक क्षमता अधिक होने के कारण चिकित्सक हैवी एंटीबायोटिक लिख रहे हैं। इससे बुखार तो दूर भाग रहा है लेकिन दवाओं के ओवरडोज के कारण दूसरे इंफेक्शन हो रहे हैं। तेज बुखार का असर लीवर, किडनी और हार्ट पर पड़ रहा है। असहनीय दर्द को न झेल पाने और घटते प्लेटलेट्स पर नियंत्रण न होने पर लोगों की मौत हो रही है।
news facts-
वायरल और चिकनगुनिया ने बिगाड़ी सेहत
महीनेभर तक नहीं मिल रही राहत
बुखार के बाद सता रहा जोड़ों का दर्द
बदन और जोड़ों में दर्द-
चिकित्सकों के अनुसार वायरल बुखार में इस बार बदन तेज तपने के साथ ही बदन में दर्द हो रहा है। मरीजों को हाथ-पैर के जोड़ में असहनीय पीड़ा हो रही है। दवा देने के बाद वायरल बुखार तीन से पांच दिन में ठीक हो रहा है। इसके बाद बदन दर्द बना हुआ ही है। चिकनगुनिया के मरीजों का बुखार ठीक होने में 15 दिन तक का वक्त लग रहा है। इसके बाद दवा लेने के बाद भी मरीज जोड़ों में दर्द करीब एक माह तक रहने की शिकायत कर रहे है। तमाम दवाओं के सेवन के बावजूद मरीजों को दर्द से राहत नहीं मिल रही है।
ये है स्थिति
04 हजार से अधिक बुखार पीडि़तों की प्रतिदिन अस्पतालों में जांच
80 फीसदी मरीजों को बुखार के साथ बदन और जोड़ों में तेज दर्द
15 से अधिक डेंगू, चिकनगुनिया पॉजीटिव प्रत्येक सप्ताह मिल रहे
01 हजार से अधिक बुखार पीडि़त विभिन्न अस्पतालों में भर्ती
04 स्वाइन फ्लू के मरीज आइसोलेशन वार्ड में भर्ती है।
इसलिए गंभीर बन गई बीमारी
- बुखार 103-4 डिग्री से अधिक। इसके दिमाग में असर की आशंका।
- कमजोरी के कारण बीपी में अचानक उतार-चढ़ाव। इससे हार्ट को खतरा।
- हीमोग्लोबिन अचानक घटकर 13 से 6 हो रहा है। इससे मल्टीपल आर्गन डिस्टर्ब।
- हार्ट की मसल में वायरल इंफेक्शन हो रहा है। इसके गंभीर नुकसान।
- लगातार दर्द से कमजोरी। लीवर में संक्रमण की आशंका।
दवा के ओवरडोज का इफेक्ट
मुंह में छाले पड़ रहे हैं।
स्किन में दाने और चकते।
तेज खुजली हो रही है।
पसीने से घाव बन रहे है।
पेन किलर से हार्ट, किडनी को नुकसान।
Published on:
22 Sept 2018 11:13 am
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