जबलपुर। मुंहमांगे दाम पर जबलपुर विकास प्राधिकरण से लीज पर सम्पत्ति खरीदने वालों के लिए जमीन मालिक बनने का सपना दूर की कौड़ी साबित हो रहा है। राज्य सरकार ने पट्टाधारियों को मालिकाना हक देने के लिए 2010 में योजना शुरू की थी, लेकिन जेडीए की भर्राशाही ने योजना को पलीता लगा दिया है। विधिवत आवेदन के बावजूद 300 से अधिक आवेदक सम्पत्ति के मालिकाना हक पाने के लिए पिछले तीन साल से जेडीए के चक्कर काट रहे हैं।