
अबपहाडिय़ों में पैंथर
जबलपुर, राज्य वन अनुसंधान संस्थान परिसर में तेंदुए की दस्तक के मामले में बुधवार को संस्थान एवं वन विभाग की संयुक्त टीम ने मौका मुआयना किया। परिसर में जिस स्थान पर तेंदुए द्वारा मवेशी के शिकार के साक्ष्य मिले थे, वहीं मिट्टी में पंजे के खरोंच के कई निशान मिले। विशेषज्ञों के अनुसार ये खरोंच तेंदुए के होंगे। हालांकि खून के निशान सूख चुके थे। पहली रात ट्रैप कैमरे में तेंदुए की तस्वीर नहीं आई।
शहरी क्षेत्र के रेंजर एमएल बरकड़े बुधवार दोपहर में रेस्क्यू टीम के साथ परिसर में पहुंचे तो संस्थान के वन्य प्राणी शाखा के वैज्ञानिक डॉ. अंजना राजपूत, डॉ. अनिरूद्ध मजूमदार, रेंजर अनिल नेति व कर्मचारियों ने उनके साथ संयुक्त रूप से मौका मुआयना किया। रेंजर एमएल बरकड़े के अनुसार तेंदुआ जब शिकार करता है, उसके बाद पंजों को साफ करने के लिए जमीन पर खरोंच मारता है। वन अधिकारियों एवं वैज्ञानिकों के अनुसार खरोंच तेंदुए के पंजे के है।
परिसर में है वैज्ञानिकों-अधिकारियों के आवास
राज्य वन अनुसंधान संस्थान में तेंदुए की दस्तक की खबर पर लोग अलर्ट हो गए हैं। परिसर में सुबह-शाम टहलने वाले लोगों की संख्या कम हो गई है। कुत्तों को टहलाने के बाद बाउंड्री के अंदर ही रखा जा रहा है। बाहर खेलने कूदने वाले बच्चों पर विशेष नजर रखी जा रहा है। डायरेक्टर गिरिधर राव, सीसीएफ आरडी महला, डीएफओ रवींद्र मणि त्रिपाठी सहित वन अधिकारियों, वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों के आवास परिसर में हैं।
नया गांव कॉलोनी और सैनिक सोसाइटी में गश्त
रामपुर स्थित नया गांव कॉलोनी के समीप ठाकुरताल स्थित वन चौकी में तेंदुए द्वारा बकरे के शिकार के बाद वन विभाग के कर्मचारी भी अलर्ट हो गए हैं। जबकि डुमना रोड स्थित सैनिक सोसाइटी के लोग भी तेंदुए की दस्तक के बाद पहाडि़यों के बीच झाडि़यों में पैनी नजर रख रहे हैं।
राज्य वन अनुसंधान संस्थान में बुधवार को वन विभाग की टीम ने मौका मुआयना किया। पंजे के खरोंच के निशान मिले हैं। संस्थान ने ट्रैप कैमरे लगाए हैं। तेंदुए के गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
रवींद्र मणि त्रिपाठी, डीएफओ
Published on:
29 Jan 2020, 10:09 PM IST
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