
women power
जबलपुर। पुरुष प्रधानता की बात समाज को सुरक्षित रखने तथा संरक्षण देने के लिए कही जाती है, क्योंकि महिलाएं परिवारों में संस्कारों का बीजारोपण करती हैं। संस्कृति से बच्चों को जोड़ती हैं और अपने धर्म के प्रति आस्था व विश्वास के साथ भ्रांतियों को दूर करने में सहयोग करती हैं। ये बात पत्रिका के संस्कार, संस्कृति और धर्म रक्षा में महिलाओं का योगदान विषय पर आयोजित टॉक शो में राष्ट्रीय संत सुरक्षा परिषद की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. कल्पना मिश्रा ने कही। टॉक शो की शुरुआत राष्ट्र वंदना से हुई।
राष्ट्रीय संत सुरक्षा परिषद की महिलाओं ने रखे अपने विचार, बोली जागरुक महिलाओं का योगदान समाज में कुरीतियों से बचाता है
जिला अध्यक्ष चंद्रा दीक्षित ने कहा कि समाज में फैल रहीं धर्म के प्रति नफरत को कम करने के लिए राष्ट्रीय संत सुरक्षा परिषद की महिलाएं समय समय पर जागरुकता अभियान चला रही हैं। कोरोना काल में लोगों को मानसिक तौर पर मजबूती प्रदान करने योग व वैदिक उपचारों से जोड़ा जा रहा है।
नगर अध्यक्ष जाग्रति मिश्रा ने कहा आज मोबाइल जहां सबसे जरूरी वस्तु बन गया है, वहीं इसके दुस्परिणाम भी सामने आ रहे हैं। जबकि हम इसी मोबाइल के माध्यम से लोगों को सामाजिक जीवन जीने, धर्म, संस्कार और संस्कृति से रूबरू करा रहे हैं। मोबाइल ने युवाओं को सबसे ज्यादा गलत रास्तों पर भेजा है, हम परिजनों के साथ बैठकर उन्हें उचित मार्ग दिखाने का प्रयास कर रहे हैं। जिसमें कुछ हद तक सफलता भी मिली है।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमिता गौतम ने कहा परिषद में हर उम्र की महिलाएं शामिल हैं। समाज सेवा के माध्यम से हम लोगों को चाहे वह किसी भी जाति या धर्म का हो उसे देश के प्रति जिम्मेदार होने का आभाष करा रहे हैं। ताकि देश का सामाजिक ताना बाना मजबूती से बंधा रहे।
इन्होंने भी रखी अपनी बात
एडवोकेट तनु कुररिया, वंदना सिंह, श्वेता जोशी, कल्पना तिवारी, अर्चना सिंह, आशा सिंह, नमिता शुक्ला, मंजु पांडे, हर्षिता प्यासी, शुभांगी प्यासी, रश्मि तिवारी, पूनम परिहार, कला अवस्थी ने भी संस्कारों की रक्षा में महिलाओं के योगदान पर अपने अपने विचार रखे। टॉक शो के समापन पर संस्कृत वंदना से राष्ट्र भक्ति गीत प्रस्तुत किया गया।
Published on:
22 Jul 2021 03:23 pm
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