
mahashivratri 2022
जबलपुर। महाशिवरात्रि पर देवाधिदेव महादेव और माता पार्वती की पूजा भक्तोंं द्वारा भक्तिभाव के साथ की जा रही है। वहीं शिवलिंग या शिव प्रतिमाओं की बात आती है तो सबसे पहले जबलपुर के भेड़ाघाट का नाम आता है। यहां रोजाना सैकड़ों की संख्या में शिवलिंग और प्रतिमाएं खरीदने वाले देश के कोने कोने से पहुंचते हैं। यहां बने शिवलिंग व शिव प्रतिमाओं की डिमांड प्रदेश के अलावा देश के विभिन्न राज्यों में है। भेड़ाघाट में मार्बल आर्ट के साथ सबसे ज्यादा शिवलिंग ही बनाए व बेचे जाते हैं।
भेड़ाघाट के मार्बल अािर्टस्ट बनाते हैं सबसे खूबसूरत शिवलिंग, शिव प्रतिमाएं और आकर्षक जिलहरी
सबसे सुंदर काम होता है
स्थानीय व्यापारी व मार्बल आर्ट फैक्ट्री संचालक आशीष जैन का कहना है कि यहां काले व सफेद पत्थरों के शिवलिंग बनाए जाते हैं। यहां के कारीगरों का काम इतना अच्छा होता है कि एक ही नजर में लोगों को पसंद आ जाता है। वैसे तो हर प्रकार की मूर्तियां यहां बनाई जाती हैं, लेकिन करीब 60 प्रतिशत काम शिवलिंग का होता है। इसके अलावा शिव पार्वती की प्रतिमाओं की भी खूब डिमांड होती है। पूरे साल यहां शिवलिंग बनाए व बेचे जाते हैं। यहां के शिवलिंग उत्तर भारत के राज्यों में सबसे ज्यादा पहुंचाए जाते हैं।
पाया जाता है उच्च गुणवत्ता का पत्थर
भेड़ाघाट नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष अनिल तिवारी का कहना है कि भेड़ाघाट में आने वाला पत्थर उच्च गुणवत्ता का होता है। जिसमें मार्बल कारीगरों द्वारा बेहतरीन नक्काशी व प्रतिमाएं उकेरी जाती हैं। यहां बंगाल, दिल्ली, महाराष्ट्र, उप्र, पंजाब, छत्तीसगढ़ सहित कई प्रदेशों से लोग शिवलिंग ऑर्डर देकर भी बनवाते हैं। यहां 5 इंज से 5 फीट तक के भारी भरकम शिवलिंग व शिव प्रतिमाएं बनाई जाती हैं। सबसे बड़ी बात ये है कि यहां बाकी राज्यों की अपेक्षा उच्च क्वालिटी की प्रतिमाएं कम दामों पर लोगों को मिल जाती हैं। इस शिवरात्रि पर शिवलिंग की काफी डिमांड है। जिनकी डिलेवरी एक सप्ताह पहले से ही शुरू हो चुकी है।
Published on:
01 Mar 2022 01:34 pm
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