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महिला मार्केट में पुरुषों का कब्जा, साइन बोर्ड से गायब सशक्तिकरण का दावा

महिला मार्केट में पुरुषों का कब्जा, साइन बोर्ड से गायब सशक्तिकरण का दावा

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mahila market jabalpur

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जबलपुर. महिलाओं के सशक्तिरण के नाम पर आवंटित दुकानों में कारोबार पुरुष कर रहे हैं। ये हालत है नगर निगम के बलदेवबाग स्थित महिला मार्केट की। एक दो को छोड़ दिया जाए तो यहां कोई दुकान नहीं है, जिसमें महिला कारोबारी नजर आए। दुकान का संचालन उनके पति या रिश्तेदार करते हैं। यह नियम के विपरीत है। फिर भी नगर निगम की कार्रवाई नोटिस तक सीमित है। इस कारण से कारोबारी इस ओर ध्यान नहीं देते हैं।

महिलाओं से जुड़ी सामग्री की जगह बिक रहा खाद और बीज, कई दुकानों को बना दिया गोदाम

महिला मार्केट में ज्यादातर दुकानों के बोर्ड में भी पुरुषों के नाम लिखे हैं। जबकि दुकानों के लिए अनुबंध महिलाओं के नाम पर हुआ है। यही नहीं महिलाओं से जुड़ी किसी सामग्री का विक्रय नहीं होता। इनकी जगह बीज, खाद और कीटनाशक व अन्य सामग्री का विक्रय होता है। ऐसे में महिला मार्केट के नाम की कही अहमियत नहीं रह जाती है। सबसे बड़ी बात यह है कि नगर निगम भी नियमों को ध्यान में रखकर कोई पुख्ता कार्रवाई नहीं करता है। क्योंकि कहीं न कहीं यह अनुबंध का उल्लंघन है। बलदेवबाग व्यापारिक क्षेत्र में वर्ष 2009 में महिला मार्केट का निर्माण किया गया था। इसका मकसद यह था कि महिलाएं कारोबार के क्षेत्र में आगे आएं। वे आत्मनिर्भर बने। जब मार्केट को किराए पर देने की बारी आई तो केवल महिलाओं के नाम के ही अनुबंध हुए। धीरे-धीरे दुकानें तो खुलती गई लेकिन महिलाएं कुछ दिनों तक ही दुकानों का संचालन कर पाईं। उनकी जगह उनके घर के पुरुष सदस्य ने ही दुकानों में कारोबार शुरू कर दिया। आज लगभग सारी दुकानों में पुरुष ही बैठ रहे हैं।

हर बार कार्रवाई की चेतावनी

नगर निगम को भी पता है कि यहां पर महिलाओं की जगह पुरुष दुकानें चला रहे हैं। इसलिए उसकी तरफ नोटिस भेजे जाते हैं, इसमें उल्लेख होता है कि महिलाओं के नाम पर आवंटित दुकानों को पुरुषों द्वारा चलाया जाता अनुबंध शर्तों का उल्लंघन है। क्यों न उनकी दुकानों को खाली कराया जाए आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई हो। ऐसा तीन से चार बार हो चुका है। लेकिन कोई पुख्ता कार्रवाई आज तक नहीं हो सकी है। इसलिए महिला मार्केट में पुरुषों का वर्चस्व बना हुआ है।

54 दुकानें बनीं

इस मार्केट में अलग-अलग आकार की 54 दुकानें बनाई गई हैं। इन दुकानों के लिए प्रारंभ में एकमुश्त प्रीमियम जमा कराया गया था। वहीं हर माह किराया लिया जाता है। किराया भी 800 रुपए से एक हजार रुपए मासिक है। खास बात यह है कि इनमें कई दुकानें ज्यादातर समय बंद रहती हैं। पीछे की तरफ की दुकानों का उपयोग गोदाम के रूप में किया जा रहा है। इन गोदामों में बीज और खाद के अलावा दूसरी सामग्री रखी जाती है।

महिला मार्केट की सारी दुकानें महिलाओं के नाम पर आवंटित हैं। इसलिए पुरुषों को दुकानों का संचालन करना नियम के विपरीत है। संचालकों को पूर्व में कई बार नोटिस भेजे गए हैं। जल्द ही निरीक्षण कर फिर से कार्रवाई की जाएगी।
- दिनेश प्रताप सिंह, अधीक्षक, बाजार विभाग, नगर निगम