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भारत के इस शहर में मिलते हैं सबसे सस्ते सलवार सूट

भारत के इस शहर में मिलते हैं सबसे सस्ते सलवार सूट....

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sabse sasta salwar suit kaha milte hain

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जबलपुर। सलवार सूट के लिए जबलपुर पूरे देश में बड़ी मंडी है। यहां बने सलवार सूट काफी सस्ते पड़ते हैं और यही कारण है कि यहां के सूट की बड़ी डिमांड है। बड़ी संख्या में लोग यहां पर सूट लेने के लिए आते हैं। सूट बनाने के लिए शहर में सैंकड़ों इकाइयां काम कर रहीं हैं। वर्तमान में ही शहर के अलग-अलग भागों में 300 से ज्यादा इकाइयां चलती हैं। इनमें 10हजार से ज्यादा लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिला हुआ है। इस कारोबार को संगठित करने के लिए लगभग 10 साल पहले रेडीमेड गारमेंट क्लस्टर के निर्माण की योजना बनाई गई थी।

प्रक्रिया को नहीं किया पूरा

रेडीमेड गारमेंट क्लस्टर में जिन इकाईधारकों ने तय समय तक आधिपत्य नहीं लिया उन पर संकट खड़ा हो गया है। ऐसे करीब 10 हितग्राही हैं जिन्होंने 31 मार्च तक इस प्रक्रिया को पूरा नहीं किया। अब इनकी इकाइयां प्रतीक्षा सूची में शामिल हितग्राही को दिए जाने की कार्रवाई हो सकती है। पांच अप्रैल को उद्योग विभाग लघु उद्योग निगम के अधिकारी को भोपाल से क्लस्टर का मुआयना करने के लिए भेज रहा है।

लेमा गार्डन स्थित रेडीमेड गारमेंट कॉम्पलेक्स में 200 इकाइयों का निर्माण किया जा चुका है। इन इकाइयों को आवंटित हुए करीब दो साल हो गए हैं। अभी भी कई इकाईधारकों ने इकाई की आधिपत्य संबंधी प्रक्रिया को पूरा नहीं किया। उद्योग आयुक्त ने 31 मार्च तक का समय दिया था। क्लस्टर में फरवरी में करीब 70 एवं मार्च में 110 हितग्राहियों ने इकाइयों का आधिपत्य लिया।

संचालक मंडल की आपात बैठक- मंगलवार को क्लस्टर में संचालक मंडल की बैठक हुई। इसमें बताया गया कि उद्योग आयुक्त और क्लस्टर के लिए बने स्पेशल परपज वीकल (एसपीवी) के चेयरमैन वीएल कांताराव के निर्देशों पर चर्चा की गई। इसमें कहा गया कि है कि पांच अप्रैल को आधिपत्य नहीं लेने वाले इकाईधारकों को अल्टीमेटम दिया जाएगा। उन्हें दो दिन का समय मिलेगा।