साथ ही उन्होंने कहा था कि कुछ सीन फिल्माने के लिए वो एकदम ओरिजनल लोकेशन चाहते थे बजाय कि सेट या ग्राफ़िक्स के उन्हें जीवंत करने के। डायरेक्टर आशुतोष गोवारीकर अपनी 200 सदस्यीय यूनिट के साथ जबलपुर आए थे। फिल्म में रानी महल का ढांचा, पुराने शिला लेखों की मौजूदगी, दत्तात्रेय की गुफा, हजारों साल पुरानी चट्टानों से होकर गुजरती नर्मदा, बंदरकूदनी, स्वर्गद्वारी, पंचवटी सहित लम्हेटाघाट के पुराने खंडहर हो चुके मंदिरों को भी दिखाया जाएगा।