
Wallaby, rare tortoise and exotic monkeys smuggled from Myanmar seized in Assam
जबलपुर। बिजली के करंट से बंदरों के घायल होने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। दो दिन पूर्व सूपाताल क्षेत्र में एक बंदर करंट से घायल हो गया था। वहीं महंगवा क्षेत्र में भी दो लंगूर करंट लगने से जख्मी हो गए थे। घायल बंदरों को प्राथमिक उपचार कर प्राकृतिक रहवास में छोड़ा गया। ऐसी घटनाएं बढऩे वन महकमा भी परेशान है। ग्वारीघाट क्षेत्र में तीन दिन पहले घायल दो बंदरों की मौत हो गई थी। स्थानीय लोगों ने बंदरों की मौत जहर से होने की आशंका व्यक्त की थी। हालांकि वन विभाग की जांच में फिलहाल इस तरह का कोई भी मामला प्रकाश में नहीं आया है।
करंट से घायल हुआ बंदर
महगंवा प्रियदर्शनी कॉलोनी के पास शुक्रवार को करंट से काले मुंह वाला एक बंदर घायल हो गया। स्थानीय लोगों की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर बंदर का प्राथमिक उपचार किया। बीते दिवस भी महगंवा क्षेत्र में करंट से एक बंदर घायल हो गया था, जिसका प्राथमिक उपचार कराया गया।
बिजली के तारों पर लगाएं कैप
वन्य जीव प्रेमियों का कहना है कि ऐसे मामलों को देखते हुए जिन स्थानों पर बंदरों का प्राकृतिक रहवास है, उन स्थानों पर बिजली के तारों में प्लास्टिक की कैप लगाई जा सकती है।
रेस्टारेंट में निकला सांप
पाटन बाइपास स्थित एक रेस्टारेंट के स्टोर रूम में शुक्रवार दोपहर दो बजे आठ फीट लम्बा सांप दिखा। कर्मचारी विमल पटेल ने वन विभाग को सूचित किया। सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे ने मौके पर पहुंचकर सांप को पकडकऱ जंगल में छोड़ा।
ग्वारीघाट क्षेत्र में संदिग्ध स्थिति में एक दो दिन के अंतराल में दो बंदरों के मरने का मामला सामने आया है। लोगों ने जहर से मौत की आशंका जताई थी। जांच में इस तरह का कोई मामला नहीं आया है।
-गुलाब सिंह राजपूत, रेस्क्यू दल प्रभारी
Published on:
05 Nov 2022 06:54 pm
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