5 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मानसून से पूछ रहा किसान, कब होंगे मेघ मेहरबान

किसान ताक रहे आसमान, बुवाई के लिए बारिश का इंतजार  

2 min read
Google source verification
farmer

monsoon season delayed in mp

जबलपुर। हर आते जाते बादलों से वो पूछता है, पानी माथे बहकर सूख गया, अब उम्मीदों की बारिश कब होगी... उक्त पंक्तियां धरतीपुत्र यानि की किसानों पर सटीक बैठती हैं। ऐसे में मानसून की बेरुखी से उसकी चिंता बढ़ती ही जा रही है। रोजाना किसान आसमान की ओर बारिश के लिए टकटकी लगाए देख रहे हैं। धान की रोपाई से लेकर तुअर, उड़द, मूंग, सोयाबीन व खरीफ की अन्य फसलों की बुवाई के लिए सभी को बारिश का बेसब्री से इंतजार है।


खेतों मेंं प्लाऊ चलाने से लेकर बखरने का काम हो चुका है। लेकिन, बरसात होने के बाद ही बुवाई शुरू हो सकेगी। मानसून सीजन के शुरुआती दस दिनों में अल्प बारिश हुई है। हालांकि, धान की रोपाई करने वाले कुछ किसानों ने जरूर पाटन, शहपुरा, सिहोरा, पनागर क्षेत्र में थरहा की बुवाई शुरू कर दी है। इनमें ज्यादातर वे ही किसान हैं, जिनके खेत नहरों से लगे हुए हैं या जिनके पास सिंचाई के निजी साधन हैं। कुं डम, चरगवां, मझौली इलाकों में बुवाई शुरू नहीं हो सक ी है।

बारिश में देरी का ज्यादा असर नहीं
जबलपुर में जून महीने के तीसरे सप्ताह से लेकर जुलाई के दूसरे सप्ताह तक फसलों की बुवाई होती है। कृषि वैज्ञानिकों व कृषि विभाग के अधिकारियों क ा कहना है की फिलहाल बारिश में देरी का ज्यादा असर फसलों पर नहीं पड़ा है।

बारिश में देरी का अभी बुवाई पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है, जिले में जुलाई महीने के दूसरे सप्ताह तक बुवाई होती है। लेकिन अगर अगले 10-15 दिन बारिश नहीं होती है तो जरूर खरीफ की फसलों की बुवाई में देर होगी।
- एसके निगम, उप संचालक, कृषि विभाग

यह है स्थिति
फसलवार रकबा (हेक्टेयर में)
01 लाख 7 हजार हे. धान
0.05 सौ हे.ज्वार
08 हजार हे. मक्का
05 हजार हे. कोदो व अन्य
01 लाख 20 हजार हे. अनाज का कुल रकबा

1 लाख 87 हजार 30 हे. खरीफ का कुल रकबा
11 हजार हे. तुअर
11 हजार 50 हे. मूंग
35 हजार हे. उड़द
0.49 हे. अन्य

57 हजार 99 हे. कुल दलहन का रकबा
0.06 हे. मूंगफली
01 हे.तिल
1.50 हे. सोयाबीन
6.70 हे. रामतिल व अन्य
9.26 हे. कुल तिलहन का रकबा