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7 करोड़ का है ये लाल पत्थर, लोगों ने कर दिया ये हाल!

7 करोड़ का है ये लाल पत्थर, लोगों ने कर दिया ये हाल!

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most costly stone in india

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जबलपुर. नर्मदा तटों पर सौंदर्यीकरण के नाम पर सरकारी खजाने से सात करोड़ रुपए खर्च किए गए, लेकिन रखरखाव के अभाव में स्थिति खराब हो रही है। जबलपुर, कटनी के आसपास उपलब्ध संगमरमर, सेंड स्टोन को तरजीह नहीं देकर ग्वारीघाट, तिलवाराघाट में लगाने के लिए राजस्थान के धौलपुर से पत्थर मंगाए गए। इनकी नक्काशी में करोड़ों रुपए खर्च कर दिए गए। नगर निगम प्रशासन ने दावा किया था कि धौलपुरी पत्थर ज्यादा मजबूत, आकर्षक होता है। ये भी कहा गया था कि बारिश के दौरान धौलपुरी पत्थर में काई नहीं लगती।

news facts-

सौंदर्यीकरण के दौरान लगाए थे धौलपुरी लाल पत्थर,
ग्वारीघाट और तिलवाराघाट में मेंटेनेंस की व्यवस्था नहीं
पवित्र क्षेत्र में उखडऩे लगे 7 करोड़ लागत के लाल पत्थर

टूट रहे गुम्बद
ग्वारीघाट में तट पर बनाए गए गुम्बद टूट रहे हैं। कई का स्वरूप बिगड़ चुका है। किनारे बनाए गए सुरक्षा स्तम्भ भी टूट चुके हैं। बिछाए गए लाल पत्थरों को टाइल्स का स्वरूप दिया गया था, उनमें भी टूट-फू ट हो रही है।

तिलवाराघाट में हुईबड़ी टूट-फू ट
ग्वारीघाट व तिलवाराघाट में लाल पत्थर लगाए, लेकिन तटों में टूट-फू ट रोकने कोई व्यवस्था नहीं की गई। जिसकी मर्जी जहां होती, वहीं टेंट के लिए पाइप लगाने पत्थरों में तोड़-फोड़ शुरू कर देता है। तिलवाराघाट में अधिक टूट-फू ट हुई है।

तटों पर रखरखाव व देखभाल की बेहतर व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए। साथ ही तोड़-फोड़ करने वालों पर बड़ा जुर्माना लगाया जाना चाहिए। तटों पर टेंट के पाइप लगाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
- अभिषेक मिश्रा, तीर्थ पुरोहित

ग्वारीघाट व तिलवाराघाट के तटों में रखरखाव बेहतर ढंग से हो और किसी भी प्रकार की टूट-फू ट न हो, इसके रखरखाव के लिए सम्बंधित दोनों ही सम्भागों के अधिकारियों को निर्देशित करेंगे। तटों में किसी भी प्रकार की तोड़-फोड़ की जाती है तो ऐसा करने वाले के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
- जीएस नागेश, अपर आयुक्त, नगर निगम