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मप्र: इस शहर में 10 लाख बाइक, कार लेकिन एक भी पार्किंग नहीं

शहर में 2 मल्टीलेवल पार्किंग: 8 लाख दोपहिया वाहन, 10 बड़े व्यापारिक स्थल

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MP: 10 lakh bikes, cars but no parking in this city

जबलपुर। शहर की सडक़ों पर वाहनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है वहीं पार्किंग स्थलों की संख्या सीमित होती जा रही है। शहर की सडक़ों पर करीब 10 लाख वाहन इस समय दौड़ रहे हैं, लेकिन हकीकत में शहर में 10 उम्दा पार्किंग स्थल भी नहीं हैं, जहां एक साथ कई वाहन खड़े हो सकें।

शहर में लगातार बढ़ रहे वाहन
पार्किंग को लेकर शहर में गम्भीरता भी नजर नहीं आती। व्यापारियों और आम लोगों में जागरुकता नहीं होने से आए दिन जाम की स्थितियां शहर जगह-जगह बन रही हैं। इसका खामियाजा आम नागरिकों, पैदल चलने वालों और अत्यावश्यक सेवाओं में लगे वाहनों को उठाना पड़ रहा है।

मुख्य बाजारों की स्थिति खराब
मुख्य बाजारों की स्थिति और पार्किंग न होने से खराब हो चुकी है। गंजीपुरा, फुहारा, मछरहाई, करमचंद चौक, कमानिया, निवाडग़ंज, नरघैय्या, अंधेरदेव, फूल मंडी, घोवामंडी यहां पर दुकानदार तो अपनी दुकानों के सामने सडक़ पर वाहन खड़ा करते ही हैं ग्राहक भी सडक़ पर ही वाहन खड़ा कर खरीदारी के लिए निकल जाते हैं। शाम से रात तक इन मार्गों से चारपहिया वाहन का निकलना भी मुश्किल हो जाता है। जिसके चलते आए दिन जाम की स्थिति बनती है।

8 लाख दोपहिया वाहन
शहर में हर साल करीब 10 फीसदी की दर से वाहनों की संख्या बढ़ रही है। शहर में सबसे ज्यादा दो पहिया वाहन हैं। इनकी संख्या करीब 8 लाख हैं। वहीं चार पहिया वाहनों की संख्या 1 लाख से अधिक है। साथ ही तीन पहिया एवं अन्य वाहनों की संख्या 1.10 लाख के लगभग बताई जाती है।

यह है जरूरी
- पार्किंग के लिए नए स्थल खोजे जाएं।
- अवहेलना करने वाले व्यापारियों पर तगड़ा जुर्माना हो।
- अनुपयोगी जगह को पार्किंग जोन में विकसित किया जाए।
- मुख्य बाजारों में चार पहिया वाहनों पर रोक लगे।
- व्यापारियों, आम नागरिकों को जागरूक किया जाए।
- पार्किंग का उल्लंघन करने वालों पर हो सख्त कार्रवाई।

व्यवसायिक भवनों को अनुमति हम इसी आधार पर दे रहे हैं जिनमें पार्किंग की व्यवस्था है। समय समय पर कार्रवाई भी की जाती है। व्यापारियों और नागरिकों को भी जागरूक होने की आवश्यकता है।
- मनीष तड़से, भवन अधिकारी नगर निगम

वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सालाना करीब दस फीसदी की वृद्धि दर्ज की जा रही है। करीब आठ लाख केवल दो पहिया वाहन हैं।
- संतोष पॉल, आरटीओ