
Audit Cell constituted for large consumers at disk level to prevent electricity theft
जबलपुर। वैसे तो प्रदेश में सबसे महंगी बिजली है,इसके बाद भी प्रदेश सरकार जरूरतमंदों को मुफ्त बिजली देने से लेकर सस्ती बिजली मुहैया कराने की घोषणाएं करती रहती है। अब एक नई योजना लागू हुई है, जिसमें मजदूर वर्ग के लोगों को सस्ती बिजली देने की बात कही जा रही है। इस घोषणा पर अमल भी शुरू हो गया है। जिसके लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में असंगठित मजदूरों को 200 रुपए महीने फ्लैट दर पर बिजली मिलेगी। इसके लिए श्रम विभाग असंगठित मजदूरों का कार्ड बनाएगा। असंगठित मजदूरों के बकाया बिल का ब्याज समाप्त कर किश्तों में राशि जमा करने का विकल्प दिया जाएगा। ग्राम पंचायत में पंजीयन शिविर के माध्यम से और शहर में नगर पंचायतों, नगर पालिकाओं व जोनल कार्यालयों में पंजीयन किया जा रहा है।
about- असंगठित मजदूरों को 200 रुपए फ्लैट दर पर मिलेगी बिजली, श्रम विभाग बनाएगा कार्ड
प्रदेश में अभी 1.29 करोड़ बिजली उपभोक्ता हैं। इसमें से असंगठित मजदूरों की संख्या लगभग 55 लाख है। जबलपुर सिटी सर्किल में लगभग 25 हजार के लगभग परिवार असंगठित मजदूरों के हैं। इन परिवारों को बल्ब, पंखा व टीवी सहित 300 वॉट भार तक बिजली उपयोग की अनुमति होगी। बिजली कम्पनियों को सरकार की तरफ से सब्सिडी दी जाएगी।
मजदूरों में ये रहेंगे शामिल
खेतों में मजदूरी करने वाले, गृहकर्मी, स्ट्रीट हॉकर्स, मछली पकडऩे वाले श्रमिक, पत्थर तोडऩे वाले, स्थाई ईंट निर्माता, दुकानदार, चालक-परिचालक, हथकरघा, बिजली के सामान बनाने वाले, डाइंग प्रिंटिंग, सिलाई-बुनाई-कढ़ाई, लकडी के सामान बनाने वाले, चमड़े के सामान व जूते बनाने वाले, पटाखे बनाने वाले, ऑटो रिक्शा चालक, आटा-तेल-दाल-चावल व पोहा मिलों के श्रमिक, बर्तन कारीगर, चौकीदार, सुतार और मजदूरी पेशा वाले शामिल हैं।
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Published on:
13 Apr 2018 04:06 pm
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