पचमढ़ी केंट क्षेत्र में अतिक्रमण के चलते प्राकृतिक सौंदर्य व वन्य प्राणियों को खतरे की आशंका को देखते हुए 2013 में मप्र हाईकोर्ट ने इस मामले पर स्वत: संज्ञान लिया था। समय-समय पर हाईकोर्ट ने यहां के अतिक्रमण हटाने के लिए केंट बोर्ड पचमढ़ी, रक्षा मंत्रालय व गृह विभाग सहित अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए थे। सात दिसंबर 2015 को डिप्टी कलेकटर होशंगाबाद, केंट बोर्ड पचमढ़ी के सब इंजीनियर व जबलपुर रक्षा संपदा अधिकारी कोर्ट के निर्देश पर स्वयं हाजिर हुए थे। कोर्ट को जानकारी दी गई थी कि केंट व डिफेंस की सारी जमीन से सभी अतिक्रमण हटा दिए गए हैं। कोर्ट को सुको के निर्देश का हवाला भी दिया गया था, जिसमें अतिक्रमण हटाने व अतिक्रमणकारियों के पुनर्वास का मसला निपटाने के लिए चार माह का समय और दिया गया था।