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‘कई बार झूठा फसाया जाता है’, SC-ST एक्ट को लेकर एमपी हाईकोर्ट के न्यायाधीश ने कही बड़ी बात

SC-ST Act: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक अग्रवाल ने जबलपुर में पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों की कार्यशाला में शामिल हुए थे, जहां उन्होंने एससी-एसटी एक्ट को लेकर बड़ी बात कही।

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MP High Court judge big statement on SC-ST Act

SC-ST Act: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक अग्रवाल ने एससी-एसटी एक्ट (SC and ST Act, 1989) को लेकर जबलपुर में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि 'इस एक्ट में कई बार झूठा फसाया जाता है जिसके लिए जांच करने वाले अधिकारी को ध्यान रखना चाहिए की ऐसे मामलों में बेकसूर फंसे नहीं और गुनहगार बचे नहीं।' दरअसल जस्टिस विवेक अग्रवाल जबलपुर में पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों की कार्यशाला में शामिल हुए थे जहां उन्होंने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।

बेकसूर को फसाते है दलाल

जस्टिस अग्रवाल ने कार्यशाला में कहा कि एससी-एसटी एक्ट में मुआवजे का प्रावधान है। इसलिए जैसे ही ऐसे मामले सामने आते हैं कई दलाल भी सक्रिय हो जाते हैं जो फरियादी को मुआवजा दिलाने के नाम पर बेगुनाह को फंसा देते हैं। उन्होंने कहा कि 'ऐसे मामलों में कही न कही प्रशासन, पुलिस और न्यायपालिका तीनों की कमी है। इसलिए जांच के दौरान हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए इस वजह से हमारी विश्वसनीयता तो खराब नहीं हो रही।'

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दबाव में काम करना हमारी काबिलियत - जस्टिस अग्रवाल

इसके अलावा जस्टिस अग्रवाल ने कहा कि 'एनसीआरबी (NCRB Report) में एमपी में अपराधों की संख्या अधिक दिखती है लेकिन यह चिंता की बात नहीं है बल्कि इससे यह स्पष्ट होता है कि एमपी में अपराधों की रिपोर्टिंग सही है।' जस्टिस अग्रवाल ने पुलिस प्रशासन के काम की सराहना करते हुए कहा कि 'वे इस बात से भली-भांति परिचित हैं कि पुलिस प्रशासन दबाव में काम करता है। यहां तक कि न्यायपालिका पर भी दबाव डालने की कोशिश की जाती है लेकिन यह हमारी काबिलियत है कि हम किसी दबाव में नहीं आते और अपना काम ईमानदारी से कर पाते हैं।'