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यूनियन कार्बाइड का कचरा नष्ट करने को लेकर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

Union Carbide Waste Disposal : बहुचर्चित गैंसकांड का कचरा नष्ट करने को लेकर हाईकोर्ट ने हरी झंडी दे दी है। कोर्ट ने ये फैसला विनिष्टीकरण के तीनों ट्रायल रनों की रिपोर्ट के आधार पर दिया है।

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Union Carbide Waste Disposal

Union Carbide Waste Disposal :मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित गैंसकांड का कारण बनी यूनियन कार्बाइड के कचरे को इंदौर से सटे पीथमपुर की फैक्ट्री में नष्ट करने को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट की मुख्य बैंच ने फैसला देते हुए कचरा विनिष्टीकरण को हरी झंडी दे दी है। हाईकोर्ट ने ये फैसला राज्य सरकार की ओर से कराए गए विनिष्टीकरण के तीनों ट्रायल रन की रिपोर्ट के आधार पर दिया है।

ट्रायल रन रिपोर्ट में कहा गया है कि, कचरा विनिष्टीकरण से प्रकृति को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा। कोर्ट ने कहा- सरकार कचरा विनिष्टीकरण की प्रक्रिया में आगे बढ़ सकती है। नियमों का पालन कर राज्य सरकार धीरे-धीरे कचरा विनिष्टीकरण कर सकती है।

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ट्रायल रन की रिपोर्ट के आधार पर हुआ फैसला

आपको बता दें कि, पिछली सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने 3 चरणों में किए गए कचरा विनिष्टीकरण के ट्रायल रन की बात कही थी। 10-10 मीट्रिक टन के तीनों ट्रायल रन किए गए। 27 फरवरी को पहला ट्रायल रन, 4 मार्च को दूसरा और 17 मार्च को तीसरा ट्रायल रन किया गया। ट्रायल रन की कम्पाइल रिपोर्ट आज कोर्ट में पेश की गई, जिसके आदार पर कोर्ट ने फैसला सुनाया है।

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इस तरह तीन चरण में हुआ था ट्रायल रन

बता दें कि, कचरा विनिष्टीकरण के ट्रायल रन के दौरान पहले फेस में 135 किलो वेस्ट प्रति घंटे के हिसाब से कचरा नष्ट किया गया। दूसरे फेस में 170 किलो प्रति घंटे के हिसाब से कचरा नष्ट किया गया, जबकि तीसरे चरण में 270 किलो वेस्ट प्रति घंटे के हिसाब से विनिष्टीकरण का ट्रायल किया गया। यूनियन कार्बाइड कचरे के विनिष्टीकरण से पहले अवेयरनेस प्रोग्राम भी चलाए गए थे।