
जबलपुर. मध्य प्रदेश उच्च न्यायलय ने प्रदेश में ओबीसी को 14 फीसदी से ज्यादा आरक्षण देने के फैसले पर रोक जारी रखी है। चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक और जस्टिस विजय कुनार शुक्ला की युगल पीठ ने शर्त के साथ कोरोना काल में राज्य सरकार को मेडिकल ऑफिसर्स की नियुक्त करने की अनुमति दे दी।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि ईडब्लूएस वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जा सकता है लेकिन यह उच्च न्यायालय के अंतिम निर्णय के अधीन होगा। याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार ने साल 2019 में ओबीसी आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत कर दिया था। वकीलों ने तर्क दिया कि उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि आरक्षण 50 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकता।
सुप्रीम कोर्ट ने 9 सितम्बर 2020 को महाराष्ट्र सरकार द्वारा दिए गए 50 प्रतिशत से ज्यादा आरक्षण को निरस्त कर दिया है। इसके बावजूद ओबीसी आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत कर दिए जाने से आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत को पार कर गई।
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मेडिकल ऑफिसर्स की जरूरत
प्रदेश सरकार ने मंगलवार को हाईकोर्ट के आग्रह किया कि न्यायालय ने जनवरी 2020 में मेडिकल ऑफिसर्स की अंतिम चयन सूची घोषित करने पर अंतरिम रोक लगा दी थी। कोरोनाकाल को देखते हुए प्रदेश में चिकित्सकों की जरूरत है। हाईकोर्ट ने कोरोना के चलते प्रदेश सरकार को मेडिकल ऑफिसर्स की अंतिम चयन सूची घोषित करने की सशर्त इजाजत दे दी है।
Published on:
14 Jul 2021 09:58 am
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