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Private Medical Colleges ने इन बाहरी विद्यार्थियों पर की मेहरबानी, धांधली कर दे दिए प्रवेश

डीएमई ने माना, प्रदेश के प्राइवेट प्राइवेट मेडिकल कॉलेजो ४८ बाहरी विद्यार्थियों को दिए प्रवेश, मॉप-अप राउंड की काउंसिलिंग का मामला

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जबलपुर @ पत्रिका. हाईकोर्ट ने राज्य चिकित्सक शिक्षा निदेशक (डीएमई) से पूछा, निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए १० सितंबर को आधी रात तक चल मॉप-अप राउंड की काउंसिलिंग में छात्रों को कैसे प्रवेश दिया गया। नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेस टेस्ट-२०१७ की मेरिट में नाम होने के बावजूद काउंसिलिंग में धांधली के चलते निजी कॉलेजों में प्रवेश नहीं देने के आरोप के साथ ११ छात्रों की याचिका की सुनवाई जस्टिस आरएस झा और जस्टिस नंदिता दुबे की बेंच ने की। बेंच ने काउंसिलिंग का विस्तृत ब्योरा शपथ पत्र में देने को कहा और अगली सुनवाई ८ जनवरी तय की।


कोर्ट के रूम नंबर-३ में २१ नंबर पर मामले की सुनवाइ-लाइव
महाधिवक्ता : (सरकार की ओर से रिपोर्ट देते हुए) माय लॉर्ड, डीएमई की रिपोर्ट में निजी मेडिकल कॉलेजों में मोपअप राउंड में ४८ प्रवेश अनियमित माने गए हैं।
याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता आदित्य संघी : माय लॉर्ड, रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि इन छात्रों का क्या किया गया? इसके अलावा निजी मेडिकल कॉलेजों में १० सितंबर की आधी रात से सुबह ६ बजे तक बाहरी छात्रों को ८०-८० लाख रुपए लेकर सीटें आवंटित कर दी गईं।
महाधिवक्ता- यह गलत है। दरअसल मॉपअप राउंड की काउंसिलिंग में आने वाले छात्रों की संख्या ही कम थी।
आदित्य संघी- काउंसिलिंग में हजारों की संख्या में छात्र शामिल हुए थे। निजी कॉलेजों ने गेट पर बाउंसर्स लगा रखे थे। इसके बावजूद बड़ी संख्या में पात्र छात्र काउंसिलिंग में पहुंचे, लेकिन इनकी उपेक्षा की गई।
कोर्ट- (महाधिवक्ता से)
सरकार गंभीर मामले को बड़ी सहजता से ले रही है। जल्द उच्चस्तरीय जांच क्यों नहीं करा लेते? मॉप-अप राउंड के दौरान हुए घटनाक्रम का क्रमवार ब्योरा पेश किया जाए।
महाधिवक्ता-
जी, कोर्ट द्वारा वांछित ब्योरा दो सप्ताह के अंदर शपथपत्र में पेश किया जाएगा। साथ ही प्रगति प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किया जाएगा।
कोर्ट- ठीक है, ८ जनवरी को अगली सुनवाई होगी। तब तक शपथपत्र प्रस्तुत कर दिया जाए।

यह है मामला:
उज्जैन के आदिश जैन, खंडवा के प्रांशु अग्रवाल, सिहोरा के पृथ्वी नायक, रीवा के शुभम तिवारी, बाई का बगीचा घमापुर जबलपुर निवासी अनुष्का डेनियल, रायसेन की अनुष्का शुक्ला समेत ११ छात्रों ने याचिका दायर की है। इसमें कहा गया है कि सभी ने नीट-२०१७ परीक्षा में मेरिट लिस्ट में स्थान प्राप्त किया, लेकिन उन्हें निजी कॉलेजों में ९-१० सितंबर को हुई मॉप-अप काउंसिलिंग में की गई धांधली के चलते प्रवेश नहीं मिल सका।

कब क्या हुआ:
-१० नवंबर-डीएमई को निजी कॉलेजों में मोप अप राउंड व एनआरआई कोटे के तहत हुए प्रवेश का रिकॉर्ड जब्त क रने को कहा था।
-२१ नवंबर- सरकार ने बताया था कि रिकॉर्ड जब्त कर लिए गए हैं।
-२९ नवंबर- बताया गया कि एनआरआई कोटे में १०७ संदिग्ध बाहरी छात्रों के प्रवेश निरस्त कर दिए गए हैं।
-१३ दिसंबर-डीएमई ने रिपोर्ट में बताया कि मॉप-अप राउंड मेें हुए ४८ गलत प्रवेश।
इतने गंभीर मामले को सहजता से ले रही सरकार, जल्दी क्यों नहीं कराते मामले की उच्च स्तरीय जांच