सीईए ने ये आंकड़े वित्तीय वर्ष 2016-17 के अप्रैल से दिसंबर तक अधिकतम बिजली मांग और उपलब्धता (पीक डिमांड एंड पीक मेट) के अंतर्गत जारी किए हैं। मप्र में बिजली उपलब्धता 18,300 मेगावाट तक पहुंच चुकी है। दिसंबर में बिजली की अधिकतम मांग 11,501 मेगावाट रही।