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MPHIGHCOURT: डिग्री व अंशकालिक डिप्लोमा एक साथ किए जा सकते हैं: हाई कोर्ट

- नियुक्ति से वंचित किए युवक को मिली राहत जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश में स्पष्ट किया कि डिग्री व अंशकालिक डिप्लोमा दोनों एक साथ किए जा सकते हैं। जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने कहा कि ऐसा इसलिए क्योंकि दोनों की मूलभूत प्रकृति में भिन्नता है। इस टिप्पणी के साथ ही नियुक्ति से वंचित किए गए अभ्यर्थी को राहत प्रदान करते हुए 15 दिन के भीतर नियुक्ति दिए जाने के आदेश दिए।
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जबलपुर

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Rajendra Gaharwar

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Updated: 17 Mar 2024, 2:35 AM IST

- नियुक्ति से वंचित किए युवक को मिली राहत

MP Highcourt

याचिकाकर्ता सीधी निवासी राजेश कुमार मिश्रा की ओर से वर्ष 2014 में याचिका दायर की गई थी। जिसमें कहा गया था कि उसने ग्राम सेमरी में ग्राम रोजगार सहायक के पद पर नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। उसके अधिक अंक होने के बाद भी डिग्री और अशंकालिक डिप्लोमा एक साथ किए जाने को आधार बनाकर अपात्र कर दिया गया और उनके जगह कम अंक वाले को नियुक्ति दे दी गई। अतिरिक्त कलेक्टर की कोर्ट में अपील की लेकिन उसे भी खारिज कर दिया गया। माखनला

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने अं कालीन कम्प्यूटर करने के संबंध में पुष्टि की है। इसके अलावा यूजीसी ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है कि डिग्री व डिप्लोमा एक साथ किया जा सकता है। वहीं अनावेदकों की ओर से कहा गया कि लम्बे समय बाद नियुक्ति में खलल नही डालना चाहिए। एकलपीठ ने अपने आदेश में उक्त तर्क को दरकिनार करते हुए कहा कि याचिका पर सुनवाई लंबित थी। न्यायालय ने याचिकाकर्ता को राहत प्रदान करते हुए 15 दिनों में नियुक्ति प्रदान करने का राहतकारी आदेश जारी कर दिया।