
Mystery girl Tejaswini
जबलपुर. महज तीन माह की उम्र में मां और पिता की गोद में बैठकर पंचकोषी यात्रा करने वाली बच्ची आज निर्मदा नर्मदा, स्वच्छ नर्मदा की ब्रांड एम्बेसेडर बन चुकी है। बच्ची आज 13 साल की हो चुकी है और नित्य नर्मदा तट पहुंचने वाले हजारों श्रद्धालुओं को निर्मल नर्मदा की शपथ कराने पहुंच जाती है। उसका नाम ग्वारीघाट आने वाले अधिकतर नर्मदा भक्तों को पता है। पिता से मिले संस्कारों और प्रेरणा का ही परिणाम है कि उसने देश के प्रथम नागरिक से लेकर सीजेआई, सीएम तक को स्वच्छता की शपथ कराई है। हम बात कर रहे हैं तेजस्वनी दुबे की, जो कि नर्मदा महाआरती के संयोजक ओंकार दुबे की बेटी है।
तेजस्वनी ने बताया वो अपने पापा के साथ घाट पर बचपन से ही आ रही है। जब पांच साल की थी, तब लोगों को घाट पर दीपदान समेत अन्य सामग्री को छोडकऱ जाते देखती तो टोकती थी। पहले तो लोग हंसकर टालते थे, लेकिन धीरे-धीरे समझने लगे। तेजस्वनी ने बताया नर्मदा जीवंत नदी है, हम आस्था के चलते उन्हें मार रहे हैं। पॉलीथिन कोटेड दीया, पूजन सामग्री, पीओपी की मूर्तियां आदि का विसर्जन नर्मदा को नाला का रूप दे रहा है। इसे रोकना हमारी जिम्मेदारी है। इसलिए मैं रोज लोगों को निर्मल नर्मदा की शपथ कराती हूं ताकि मां को बचाया जा सके।
लाखों लोगों ने ली शपथ
तेजस्वनी दुबे प्रतिदिन महाआरती में शामिल होती हैं और समापन पर मौजूद जनसमूह को नर्मदा को स्वच्छ रखने की शपथ कराती हैं। एक अनुमान के अनुसार तेजस्वनी पिछले आठ सालों में 15 लाख से ज्यादा लोगों को शपथ करा चुकी हैं। इनमें आम लोगों के साथ-साथ देश के राष्ट्रपति, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया, मुख्यमंत्री, राज्यपाल समेत सैकड़ों वीवीआईपी शामिल हैं। उनके कार्यों को देखते हुए मुख्यमंत्री, राज्यपाल व अन्य सामाजिक संगठनों द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।
2019 में की नर्मदा परिक्रमा
तेजस्वनी दुबे पिता ओंकार और मां डॉ. निशा के साथ साल 2019 में नर्मदा परिक्रमा पर गईं थीं। जहां उन्होंने नर्मदा के दोनों किनारों पर लोगों को न केवल स्वच्छता की शपथ कराई बल्कि लोगों को नर्मदा की सहायक नदियों को भी साफ करने का संकल्प कराया।
Published on:
16 Feb 2024 11:45 am
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