
Narmada bridges are special at tilwara ghat
जबलपुर. देश में यूं तो नदियों पर छोटे-बड़े हजारों-लाखों पुल हैं पर जबलपुर में नर्मदा नदी के पुलों की कुछ अलग ही खासियत है। नर्मदा के तिलवारा घाट पर एक के बाद एक तीन पुल हैं। तिलवारा में दो पुल पहले से ही हैं जबकि एक और नया पुल बन रहा है। एक ही जगह पर तीन पुलों का यह नजारा कुछ अनोखा ही है। देश-दुनिया में एक ही नदी पर एक ही स्थान पर इस तरह तीन पुलों का यह समूह बिरला होगा।
बढ़ती रही लंबाई-चौड़ाई
शहर से नदी के आरपार होने वालों की संख्या जब कम थी, तो सबसे छोटे पुल से काम चलता रहा। इसके बाद लोग बढ़े, जरुरतें बढ़ीं तो पुल की ऊंचाई और चौड़ाई दोनों बढ़ाई गईं और अब यह भी कम पडऩे लगा है। जाहिर है अब और बड़े की जरुरत है और इसके लिए फोरलेन बनाए जाने के लिए एक और पुल का निर्माण किया जा रहा है। नए पुल की लम्बाई करीब एक किमी होगी
नए पुल की ये हैं खासियत
निर्माणाधीन नए पुल की अनेक विशेषताएं हैं। इस पुल का निर्माण कार्य तीन साल पहले सन २०१५ में शुरू हुआ था। यह नर्मदा ब्रिज खासा लंबा भी है। बताया जा रहा है कि नए पुल की लम्बाई करीब एक किमी होगी। इस ब्रिज का स्ट्रक्चर तैयार हो चुका है। १२ मीटर की ऊंचाई तक पिलर बनाए गए हैं। बीच में तीन पिलर का काम शेष बचा हुआ है। पिलर तैयार हो चुका है, अब ऊपर स्लैब का निर्माण होगा
अगले साल हो जाएगा पूरा
पुल को तैयार करने का समय तय है। इसकी समय-सीमा मार्च २०१९ तय की गई है। पुल के दोनों तरफ पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ भी बनेगा। नए पुल के बन जाने से पुराने तिलवारा पुल से दबाव कम होगा। जबलपुर-लखनादौन के ७४२ करोड़ की लागत का ये पुल भी हिस्सा है।
Published on:
16 Jan 2018 12:46 pm
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