28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

pm modi के प्रिय शहर जैसा होगा यह नर्मदा घाट, ऐसी होंगी व्यवस्थाएं

इलाहाबाद, वाराणसी के तर्ज पर अब नर्मदा तटों में भी व्यवस्था, विशेष पर्व पर व्यवस्था संभालेंगे राजस्व अधिकारी

2 min read
Google source verification
narmada ghat: Revenue officials will apoint for special festival

narmada ghat: Revenue officials will apoint for special festival

जबलपुर. नर्मदा घाटों पर यूं तो हमेशा गहमागहमी रहती है पर विशेष त्यौहारों, पर्वाे, तिथियों पर यहां जबर्दस्त भीड आ जुटती है। कई अवसरों पर तो नर्मदा तटों पर आजकल इतने श्रदधालु आ जाते हैं कि कुंभ जैसा नजारा दिखाई देने लगता है। ऐसे में प्रशासनिक व्यवस्थाएं छिन्न-भिन्न हो जाती हैं और सुरक्षात्मक उपाय तो पूरी तरह विफल हो जाते हैं। कार्तिक पूर्णिमा पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु भेड़ाघाट पहुंचे। इस दौरान वाहन पार्र्किंग से लेकर नावों में ओवर लोडिंग का नजारा आम था। इतना ही नहीं पर्व के बाद प्रवाह क्षेत्र पूजन-सामग्री व भंडारा के दोना-पत्तल से अटा था। अब इन स्थितियों में नर्मदा तटों पर व्यवस्थाएं बनाने के लिए नया प्रयोग किया जा रहा है।


राजस्व अधिकारियों की तैनाती
इलाहाबाद और वाराणसी के तर्ज पर अब नर्मदा तटों में भी विशेष पर्वों पर व्यवस्था की बागडोर संभालने राजस्व अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। अपर कलेक्टर से लेकर एसडीएम, तहसीलदार स्तर के अधिकारी नर्मदा जंयती, मकरसंक्राति, शरद पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा, वैशाख पूर्णिमा जैसे अवसरों पर प्रमुख तट ग्वारीघाट, तिलवाराघाट,भेड़ाघाट, लम्हेटाघाट में व्यवस्था संभालते नजर आएंगे। तटों में भीड़ बढऩे के साथ ही स्थानीय निकायों की सभी व्यवस्थाएं ठप हो जाती हैं।


लम्हेटा घाट में टला हादसा
पंचकोषी परिक्रमा के दौरान आयोजकों व भेड़ाघाट नगर पंचायत की ओर से आने वाली भीड़ की जानकारी नहीं दी गई। यात्रा से पहले ही रात में १५ हजार के लगभग पहुंच गए थे। उनके ठहरने की भी ठीक ढंग से व्यवस्था नहीं की गई थी। यात्रा मार्ग में कई खतरनाक स्थलों से भी होकर गुजरी।


नावों में ओवर लोडिंग
कार्तिक पूर्णिमा पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु भेड़ाघाट पहुंचे। इस दौरान वाहन पार्र्किंग से लेकर नावों में ओवर लोडिंग का नजारा आम था। इतना ही नहीं पर्व के बाद प्रवाह क्षेत्र पूजन-सामग्री व भंडारा के दोना-पत्तल से अटा था। इन अव्यवस्थाओं के मद्देनजर प्रशासन ने व्यवस्थाओं में बदलाव का निर्णय लिया है।

Story Loader