
national highways authority of india poor Construction of NH 7 bypass
जबलपुर। शहर के चारों ओर चौड़ी कांक्रीट सड़कों का नटवर्क बन रहा है। रीवा-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग को इस मकसद के साथ फोरलेन में तब्दील किया जा रहा है कि सपाट सड़कों पर वाहन फर्राटा भर सकें। इसके लिए सरकार टिकाऊ सड़क पर जोर दे रही है। लेकिन सड़क निर्माण करने वाली एजेंसियों की लापरवाही का आलम ये है कि एक तरफ से सड़क बन रही है और दूसरी ओर से उसमें गड्ढे होना शुरू हो गए है। इससे सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता संदिग्ध हो गई है।
बायपास रोड का मामला
नेशनल हाईवे-7 में रीवा-जबलपुर के बीच सड़क निर्माण कार्य की तेज चाल के बीच भ्रष्टाचार की परतें भी दिखाई पडऩे लगी है। हाइवे पर सिहोरा बायपास में हाल ही में कांक्रीट सड़क का निर्माण हुआ। लेकिन निर्माण के एक माह के अंदर ही यह सड़क एक जगह पर धंस गई है। सड़क के बीच बन गए इस गड्डा से दुर्घटना की आशंका भी बन गई है।
5 किमी की सड़क
स्थानीय लोगों के अनुसार सिहोरा में बनने वाले बायपास की लंबाई करीब 5 किलोमीटर है। इसमें मनसकरा नाका के आगे करीब एक माह पहले ही सड़क का निर्माण हुआ है। इस सड़क पर करीब डेढ़ बाई डेढ़ मीटर का गढ़्ढा हो गया है। ऐसे में संबंधित कंपनी के निर्माण कार्य पर सवाल उठ रहे है।
नहीं की सही तरह से फिलिंग
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सिहोरा बायपास में सम्बंधित कंपनी ने सड़क निर्माण के दौरान रोड की उंचाई बढ़ाने मुरम की फिलिंग सही तरीके से नही की। साथ ही अधिकर जगह पर लेबिल करने मिटटी का उपयोग किया गया। कुछ दिन पहले हुई बारिश के बाद ये मिट्टी धंसने लगी। इससे नई सड़क पर गड्ढे होने लगे है।
बरसात में क्या होगा?
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले सिर्फ एक-दो दिन ही मामूली बारिश हुई है। इसमें मिट्टी धंस रही है। ऐसे में अगली बरसात में हाल और बुरे होने की आशंका है। लगातार बारिश होने पर पुराई के लिए उपयोग की गई मिट्टी के धंसने से सड़क क्षतिग्रस्त होने का खतरा बढ़ गया है। इससे कांक्रीट सड़क परेशानी का सबब बन सकती है।
Published on:
19 Feb 2018 07:55 pm
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