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navratri; नए वाहन का सुख दे सकती है इस बार की नवरात्रि , ऐसे करें आराधना

- अश्व पर सवार होकर आ रही है माता, आठ दिनों का होगा पर्व, अष्टमी व नवमीं तिथि एक साथ

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navratri 2018 dates and puja vidhi

navratri 2018 dates and puja vidhi

जबलपुर. चैत्र नवरात्रि १८ मार्च से शुरू हो रही हैं। घरों और मंदिरों में नवरात्रि की तैयारियां शुरू हो गई हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार नवरात्रि आठ दिनों की होगी। इसमें अष्टमी व नवमीं तिथि एक साथ पड़ेंगी। नवमीं तिथि का क्षय होने से ऐसा हो रहा है। नवरात्रि में प्रतिपदा के दिन घट स्थापना, अखंड ज्योति प्रज्ज्वलन के साथ ही जवारे बोए जाएंगे। जवारा विसर्जन और देवी दिवालों में दिनों के अनुसार पूजन होता है, इसलिए वे पूरे नौ दिनों में ही जवारा विसर्जन करेंगे।

नए वाहन का सुख
ज्योतिषाचार्य डॉ. सत्येन्द्र स्वरूप के अनुसार प्रतिपदा तिथि १७ मार्च शाम से ही शुरू हो जाएगी, जो कि १८ मार्च शाम तक रहेगी। इसके साथ ही इस बार घट स्थापना, कलश स्थापना व जवारा बोने के शुभ मुहूर्त दोपहर तक ही श्रेष्ठ हैं। शाम को ऐसे कोई योग नहीं हैं। इस बार मां अम्बे अश्व पर सवार होकर आएंगी। पावन पर्व नवरात्रि में दुर्गा मां के नौ रूपों की पूजा नौ दिनों तक चलती है। नवरात्र के आरंभ में प्रतिपदा तिथि को उत्तम मुहूर्त में कलश या घट की स्थापना की जाती है। कलश को भगवान गणेश का रूप माना जाता है जो किसी भी पूजा में सबसे पहले पूज्यनीय हैं। इस बार की नवरात्रि नए वाहन का सुख दे सकती है।


भ्रम की स्थिति नहीं
ज्योतिषाचार्य सचिनदेव महाराज ने बताया कि नौ दिन तक देवी आराधना के सबसे अच्छे योग हैं। तिथियों को लेकर इस बार भ्रम की स्थिति नहीं है।नवमीं तिथि का क्षय हो रहा है, जिससे आठवें दिन यानि की अष्टमी को ही रामनवमीं भी मनाई जाएगी। हालांकि जवारा विसर्जन और देवी दिवालों में दिनों के अनुसार पूजन होता है, इसलिए वे पूरे नौ दिनों में ही जवारा विसर्जन करेंगे।

घटस्थापना के शुभ मुहूर्त
सुबह 08:30 से 11:00
अविजित मुहूर्त 1:41 से 12:29
प्रतिपदा तिथि प्रारम्भ-
17 मार्च शाम 06:12 बजे से
(शाम को घट स्थापना मुहूर्त नहीं हंै)