
neet exams held in high and tight security
जबलपुर . मेडिकल, डेंटल के साथ ही आयुष कॉलेजों में प्रवेश के लिए जरुरी नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) रविवार को कड़े पहरे में हुई। एंट्रेंस टेस्ट के लिए शहर में १७ परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इसमें तकरीबन 9 हजार छात्र-छात्राएं शामिल हुए। परीक्षा दोपहर २ से शाम ५ बजे के बीच हुई। नेशनल टेस्ंिटग एजेंसी (एनटीए) ने परीक्षा केंद्र में नकल पर अंकुश लगाने के लिए सख्त जांच और निगरानी प्रक्रिया अपनाई। विद्यार्थियों द्वारा अपने साथ लाए गए सभी सामग्रियों के साथ छात्राओं के जेवर, वॉच परीक्षा हॉल में एंट्री से पहले उतरवा लिए गए। छात्र-छात्राओं को केवल प्रवेश पत्र सहित पात्रता संबंधी दस्तावेजों के साथ ही केंद्र में एंट्री दी गई। हाई-फाय डिवाइस सहित अन्य उपकरणों से नकल रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों में पहली बार जैमर का प्रयोग करके नेटवर्क ब्लॉक कर दिया गया। पेन और पेपर मोड बेस्ट एग्जाम में छात्र-छात्राओं को सवालों का जवाब ओएमआर सीट में अंकित करने के लिए पेन भी परीक्षा केंद्र में ही उपलब्ध कराया गया।
1.30 बजते ही गेट बंद
परीक्षा केंद्र में प्रवेश पत्र और उम्मीदवारों की जांच के बाद ही एंट्री दी गई। रिपोर्टिंग टाइम दोपहर 12 से था। जैसे ही दोपहर 1.30 बजे परीक्षा केंद्रों के एंट्री डोर क्लोज कर दिए गए। विशेष समुदायों की खास पोशाक वाले छात्र-छात्राओं को 12 बजे तक पहुंचने पर ही परीक्षा की पात्रता दी गई। एंट्री से पहले प्रत्येक उम्मीदवार को मेटल डिटेक्टर से गुजरना पड़ा। कुछ विद्यार्थी हाई हील सैंडल और जूते पहनकर आए तो वे बाहर से ही उतरवा लिए गए। उसके बाद प्रवेश दिया गया।
पता ढूंढने में परेशान हुए
प्रवेश पत्र में कुछ केंद्रों के प्रकाशित पते को ढूंढना भी उम्मीदवारों और उनके अभिभावकों के लिए मुश्किलों भरा रहा। प्रचलित लैंड मार्क के साथ केंद्र का पता नहीं होने से बाहर से आए उम्मीदवारों के परीक्षा हॉल तक का सफर कठिन रहा। जैसे-तैसे केंद्र तक पहुंचने के बाद विलंब होने के कारण भी प्रवेश हासिल करने के लिए अभिभावकों, छात्र-छात्राओं की केंद्र में तैनात सुरक्षा कर्मियों के साथ नोकझोंक हुई।
बायोलॉजी इजी, फिजिक्स में उलझन
अधिकतर उम्मीदवारों को एग्जाम मॉडरेट लगा। रीवा से आयी छात्रा कीर्ति पाठक के अनुसार पेपर में ९० प्रतिशत सवाल ११ और १२वीं के एनसीइआरटी के सिलेबस से था। आवेरऑल पेपर एवरेज था। छात्र शिवार्चन तिवारी के अनुसार जीवन विज्ञान के सवाल सरल थे। कैमेस्ट्री में कुछ हिस्सा टफ और कुछ इजी था। फिजिक्स के क्वेश्चन हर बार की तरह इस बार कुछ टफ थे। थ्योरी और न्यूमेरिकल्स को मिलाकर बलैंस्ड पेपर था।
सवाल-जवाब और अंकों का गणित
एक्सपर्ट के अनुसार ७२० पूर्णांक(टोटल माक्र्स) वाले पेपर में कुल १८० सवाल है। इसमें जीवन विज्ञान के ९० और ४५-४५ सवाल कैमेस्ट्री एवं फिजिक्स के है। यह सभी बहुविकल्पीय प्रश्न है। प्रत्येक सवाल के सही जवाब पर ४ नंबर निर्धारित है। गलत जवाब पर माइनस मार्र्किंग (एक नंबर) है।
17 केंद्रों में शहर में नीट का आयोजन
9 हजार छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल होना था
8.5 हजार के लगभग विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए
720 अंक (पूर्णांक) का प्रश्न पत्र
180 कुल सवाल प्रश्न पत्र में पूछे गए
04 अंक प्रति सवाल सही जवाब पर मिलेंगे
01 अंक प्रत्येक प्रश्न के गलत जवाब में कटेंगे।
आसपास के शहरों से आए परीक्षार्थी
एनटीए ने नीट के लिए चुनिंदा शहरों में ही परीक्षा केंद्र बनाए है। शहर में बनाए गए परीक्षा में कटनी, मंडला, सीधी, उमरिया, पन्ना, सिंगरौली, रीवा, शहडोल, सागर, दमोह सहित महाकोशल, विंध्य और बुंदेलखंड के कई शहरों के विद्यार्थी शामिल हुए। कुछ उम्मीदवार परीक्षा से एक दिन पहले ही शहर पहुंच गए थे। एहतियातन परीक्षा से एक दिन पहले ही परीक्षा केंद्र के रास्ते और लोकेशन का जायजा ले लिया। इसलिए रविवार को इन्हें केंद्र तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना नहीं पड़ा।
बायोलॉजी के सवाल सरल थे। ओवरऑल पेपर एवरेज था। फिजिक्स का पोर्शन कुछ टफ था।
संस्कृति पटेल, जबलपुर
यह मेरा फस्र्ट अटैम्प्ट है। पेपर में ज्यादातर सवाल वहीं थे तो हायर सेकेंडरी में सिलेबस में पढ़ा था।
शुभम यादव, हटा (दमोह)
पेपर सरल ही था। फिजिक्स में सवाल पूछे गए थे। इसलिए सवाल कुछ कठिन लग रहे थे।
गायत्री बरकड़े, कटनी
Published on:
06 May 2019 11:11 am
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