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नई शिक्षा नीति : बच्चे की प्री प्राइमरी अनिवार्य, पांच के बजाय छह साल की उम्र में ही स्कूलों में प्रवेश

नई शिक्षा नीति : बच्चे की प्री प्राइमरी अनिवार्य, पांच के बजाय छह साल की उम्र में ही स्कूलों में प्रवेश  

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जबलपुर. प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु सीमा में बदलाव की तैयारी स्कूल शिक्षा विभाग कर रहा है। नई शिक्षा नीति लागू होने से यह कवायद की जा रही है। अब प्राइमरी स्कूल में एडमिशन के लिए न्यूनतम आयु 6 वर्ष होना अनिवार्य होगा। यह नियम निजी स्कूलों पर भी लागू होगा। पिछले साल तक पांच वर्ष की आयु में भी स्कूलों में प्रवेश मिल जाता था।

कई मामलों में छात्र कॉलेज में एडमिशन लेने पहुंचते हैं तब उनकी उम्र 18 वर्ष पूरी नहीं होती है। न्यू एजुकेशन पॉलिसी के तहत कॉलेज में प्रवेश से पहले छात्र की उम्र 18 वर्ष होना जरूरी है। इसलिए यह बदलाव किया गया है।

प्री प्राइमरी अनिवार्य

जानकारों के अनुसार नई शिक्षा नीति के तहत प्री-प्राइमरी स्कूल का प्रावधान किया गया है। प्री-प्राइमरी स्कूल में बच्चों को नैतिक शिक्षा पढ़ाई जाएगी। इसमें अरुण, उदय और प्रभात नाम से कक्षाएं संचालित की जाएंगी। 3 साल की उम्र में एडमिशन मिलेगा। प्रावधान निजी और सरकारी स्कूलों में लागू होगा।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्कूलों में प्रवेश पॉलिसी का पुर्ननिर्धारण किया गया है। प्री-प्राइमरी से लेकर प्राइमरी कक्षा में अब आयु सीमा एक समान होगी।
- योगेश शर्मा, जिला परियोजना समन्वयक