
paramedical course
प्रभाकर मिश्रा@जबलपुर . पैरामेडिकल कोर्सेस के लिए मेडिकल यूनिवर्सिटी ने सत्र 2023-24 को जीरो इयर घोषित कर दिया है। ऐसे में फिजियोथैरेपी, ईसीजी टेक्नीशियन, ओटी टेक्नीशियन, एनेस्थीसिया असिस्टेंट व अन्य कोर्सेस में छात्रों को प्रवेश के लिए एक साल इंतजार करना होगा। पेरामेडिकल फील्ड में कॅरियर का संपना संजोए करीब 10 हजार छात्रों की परेशानियां बढ़ गई हैं, उन्हें अगले साल ही प्रवेश मिल सकेगा।
जीरो ईयर : फजियोथैरेपी, ईसीजी टेक्नीशियन, ओटी टेक्नीशियन, एनेस्थीसिया असिस्टेंट के लिए नहीं मिलेगा एडमिशन
दस हजार छात्रों को प्रवेश के लिए एक साल करना होगा इंतजार
मेडिकल यूनिवर्सिटी के निर्णय से छात्रों की बढ़ी परेशानी
चार साल के कोर्स में लग रहे सात साल
मेडिकल यूनिर्वसिटी प्रशासन का निर्णय समय पर परीक्षा कराने में प्रशासन की नाकामी से जोड़कर देखा जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार एमयू प्रशासन समय पर पैरामेडिकल कोर्सेस में परीक्षाएं नहीं करा पा रहा है। बीपीटी यानी बेचलर ऑफ फिजियोथेरेपी के छात्रों के दो बैच सत्र 2020-21 व सत्र 2021-22 की परीक्षा अब तक नहीं हुई हैं। ऐसे में चार साल का कोर्स सात साल में पूरा हो रहा है।
कार्यपरिषद के निर्णय के अनुसार ही पैरामेडिकल कोर्सेस के लिए सत्र 2023-24 को जीरो ईयर घोषित किया गया है। आने वाले समय में पाठ्यक्रम समय सीमा में संचालित हो सकेगा।
डॉ. अशोक खंडेलवाल, कुलपति, मेडिकल यूनिवर्सिटी
पैरामेडिकल कोर्सेस का बैकलॉग क्लीयर हो सके और सप्लीमेंट्री की परीक्षा समय पर हों इसके लिए साल में दो बार परीक्षा कराने की तैयारी की जा रही है। टाइम टेबल भी जारी किया गया है।
डॉ. सचिन कुचिया, परीक्षा नियंत्रक, मेडिकल यूनिवर्सिटी
Published on:
15 Dec 2023 12:27 pm
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