बर्फ निर्माण की प्रक्रिया देख लें, तो बर्फ गले के नीचे नहीं उतरेगी। बर्फ जिस कंटेनर में बनाई जाती है, वह जंग लगा होता है। पानी भी गंदा होता है। नियमानुसार जिस पानी से बर्फ बनाई जाती है, वह सेवन योग्य है या नहीं, इसकी प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड से जांच करानी चाहिए। ताकि, पता चले कि पानी में ई-कोलाई वैक्टीरिया, सल्फर और आर्गेनिक खाद्य पदार्थ तो नहीं हैं, लेकिन कोई भी फैक्ट्री इन नियमों का पालन नहीं कर रही है। जानकारी के अनुसार बर्फ फैक्ट्री खुद के प्रोडक्ट को अखाद्य बताकर विक्रय करती है, इसके बाद भी खाद्य सुरक्षा एवं मानक निर्धारण अधिनियम के तहत लाइसेंस फैक्ट्री संचालकों ने लिया है और खाने के लिए बर्फ का विक्रय करते हैं।