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NSUI कार्यकर्ताओं ने कुलपति के सामने लगाया नकली नोटों का ढेर, मांगा इस्तीफा

जानकारी के अनुसार एनएसयूआई की जबलपुर जिला इकाई का आरोप है कि कुलपति प्रो. वर्मा की नियुक्ति अवैध तरीके से हुई है।

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NSUI : रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राजेश कुमार वर्मा की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआइ) कार्यकर्ता भरी बैठक में घुस गए। नारेबाजी करते हुए कुलपति के सामने टेबल पर नकली नोटों का ढेर लगा दिया। संगठन के पदाधिकारी व कार्यकर्ता कुलपति से इस्तीफे की मांग करते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। इस अप्रत्याशित घटना से कुलपति सहित पूरा स्टाफ जहां भौचक्का रह गया, वहीं, विश्वविद्यालय में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया।

NSUI : नियम के उल्लंघन का आरोप

जानकारी के अनुसार एनएसयूआई की जबलपुर जिला इकाई का आरोप है कि कुलपति प्रो. वर्मा की नियुक्ति अवैध तरीके से हुई है। संगठन का दावा है कि उन्हें पीएचडी की उपाधि नवबर 2008 में मिली थी और उसके अगले साल ही उन्हें प्रोफेसर बना दिया गया था। जबकि दस साल का अनुभव होना चाहिए। इसे दरकिनार करते हुए कुलपति नियुक्त कर दिया गया, जो नियम का उल्लंघन है। इन आरोपों को लेकर एनएसयूआई आक्रामक है।

NSUI : गुरुवार को संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष अमित मिश्रा व जिला अध्यक्ष सचिन रजक के नेतृत्व में कार्यकर्ता विश्वविद्यालय पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी करने लगे। इस दौरान जब पता लगा कि कुलपति विभागीय बैठक में हैं तो पैसा बोलता है लिखा ब्रीफकेस लेकर बैठक कक्ष में घुस गए। कुलपति के सामने रखी टेबल पर ब्रीफकेस में लाए नकली नोट उड़लते हुए इस्तीफा की मांग करने लगे।

NSUI : सुरक्षा पर सवाल

इस अप्रत्याशित घटना से विश्वविद्यालय की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। एनएसयूआई कार्यकर्ता बेरोक-टोक विश्वविद्यालय परिसर में दाखिल हो गए, यहां तक कि शिक्षकों के साथ कुलपति की चल रही बैठक के कक्ष तक पहुंच गए। इससे स्तब्ध कुलपति और दूसरे प्रोफेसर केवल प्रदर्शनकारियों की सुनते रहे। हालांकि कुलपति ने समझाते हुए संगठन के पदाधिकारियों से कहा कि उनकी नियुक्ति यूजीसी के नियमों के तहत हुई है, पहले उसे पढऩा चाहिए फिर सवाल उठाना चाहिए। कुलपति की नियुक्ति राज्यपाल की ओर से की जाती है। शिकायत कर सकते हैं, जांच की मांग कर सकते हैं पर इस तरह का बर्ताव ठीक नहीं है।

NSUI : दो दिन बाद आंदोलन की धमकी

संगठन के पदाधिकारियों ने दो दिन बाद फिर से आंदोलन करने की धमकी दी है। उनका आरोप है कि विश्वविद्यालय में प्रशासनिक निष्क्रियता के चलते छात्रों से जुड़ी समस्याओं का कोई निराकारण नहीं हो रहा। देरी से परिणाम घोषित होते हैं और छात्र भी संतुष्ट नहीं हैं। प्रदर्शन के दौरान उपाध्यक्ष सौरभ गौतम, मो. अली, नीलेश माहर, अनुज यादव, साहिल यादव, अदनान अंसारी, अपूर्व केशरवानी, पुष्पेन्द्र गौतम, आदित्य सिंह, हर्ष ठाकुर, दीपक शर्मा, सहित भारी संया मे छात्र उपस्थित थे।