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कमाल की डांसर है मंजरी , तीन साल की उम्र से कर रही डांस

- शहर की बेटियां डांस, एक्टिंग और स्पोट्र्स के साथ अन्य क्षेत्रों में कमा रहीं नाम
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जबलपुर

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deepak deewan

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Updated: 24 Jan 2018, 1:18 PM IST

 dancer of jabalpur

dancer of jabalpur

जबलपुर. बेटियों के हुनर का बेमिसाल दबदबा इन दिनों हर क्षेत्र में बरकरार है। नन्ही उम्र से ही उनके हुनर का कायल हर कोई बन रहा है। वे कभी शहर में होने वाले विभिन्न आयोजनों मंे हिस्सा लेकर हुनर दिखाती हैं, तो कभी नेशनल लेवल के कॉम्पीटिशन में अपनी छाप छोड़ जाती हैं। उनकी यह उपलब्धि भले ही कम उम्र में शुरू हुई है लेकिन उनका जोश और जज्बा देखकर यही लगता है कि आने वाले समय में वे संस्कारधानी का नाम देश भर में ऊंचा करेंगी। इस राष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर आइए मिलते हैं शहर की एेसी ही दमदार बेटियों से, जिन्होंने डांस के साथ एक्टिंग, स्पोट्र्स और योगा के साथ अन्य कई क्षेत्रों में नाम कमा रही हैं।


वारिस ने दिलाई पहचान
पांच साल की उम्र से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने वाली शहर की सानिया तौकीर को वारिस सीरियल में मनु कि किरदार के कारण लोगों को प्यार मिला। सीरियल में लड़के की भूमिका निभाना काफी चैलेन्जिंग भी रहा। सानिया दमदार अभिनय करते हुए फिल्मों तक में जाना चाहती हैं। वे वारिस सीरियल के साथ जोधा अकबर, बालिका वधु के कई एपिसोड्स में नजर आ चुकी हैं।


कोलकाता में जीता गोल्ड मेडल
मंजरी साहू स्केटिंग क्रिकेट में माहिर हैं। कोलकाता में आयोजित हुए नेशनल लेवल के स्केटिंग क्रिकेट कॉम्पीटिशन में गोल्ड मेडल हासिल किया है। नन्हीं उम्र से ही मंजरी ने योगा और स्केटिंग की क्लास जॉइन कर ली है। वे स्केटिंग क्रिकेट की प्रैक्टिस जोरों-शोरों से कर रही हैं, ताकि इंटरनेशनल तक भी जा सकें।


लुभाती थीं योगमुद्रा
छठवीं क्लास की परिधि केसरवानी को नन्हीं उम्र से ही योग की मुद्राएं लुभाया करती थीं। पैरेंट्स ने परिधि की इस इच्छा को भांपा और योगा क्लासेज जॉइन करवा दी। परिधि ने बताया कि हाल ही में आयोजित हुई सहोदय ग्रुप के योग कॉम्पीटिशन में उन्होंने गोल्ड मेडल हासिल किया है। इसके साथ ही कई इंटरस्कूल के कॉम्पीटिशन में भी हुनर दिखा चुकी हैं। योग एरोबिक उनके लिए जीवन है।


तीन साल की उम्र से कथक
आठवीं कक्षा में पढऩे वाली मंजरी गायकवाड़ ने तीन साल की उम्र से ही कथक सीखना शुरू कर दिया था। अपने भावों से सभी का मन जीत लेने वाली मंजरी के लिए कथक सिर्फ उनकी सिर्फ हॉबी ही नहीं, बल्कि एक एेसा जुनून बन चुका है जो कि उन्हें बेहतर भविष्य की ओर ले जाएगा। मंजरी ने बेटी बचाओ, भ्रूण हत्या जैसे शीर्षकों पर कथक की नृत्य नाटिका का मंचन भी किया है।