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उप्र चुनाव 2022: जबलपुर की बहू ने उप्र के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को हराया, ससुराल में हो रहा जश्न

उप्र चुनाव 2022: जबलपुर की बहू ने उप्र के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को हराया, ससुराल में हो रहा जश्न  
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जबलपुर

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Lalit Kumar Kosta

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Updated: 12 Mar 2022, 11:16 AM IST

pallavi patel biography

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जबलपुर। उप्र के चुनाव नतीजों ने जहां पूरे देश दुनिया में अपनी चर्चा बटोरी है, वहीं इसमें जीतने व हारने वाले प्रत्याशियों के बारे में भी लोग खूब चर्चा कर रहे हैं। इसी कड़ी में सबसे ज्यादा चर्चा उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की हो रही है, जिन्हें मप्र की बहू ने करारी मात देकर बाहर कर दिया है। लोग इस महिला को गूगल समेत सोशल मीडिया पर खूब सर्च कर जानकारी ले रहे हैं। दरअसल केशव प्रसाद मौर्य को हराने वाली महिला का मप्र के जबलपुर से गहरा नाता है। चलिए कैसे बताते हैं...

परिजन अभी भी संजीवनी नगर में रहते हैं
शहर की बहू ने उप्र में दिखाया दम, उप-मुख्यमंत्री केशव मौर्य को हराया

जबलपुर शहर की बहू उप्र विधानसभा चुनाव में कौशाम्बी जिले की सिराथू सीट से उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को हराकर चर्चा में हैं। पल्लवी जबलपुर में रहने वाले पंकज चंदेल की पत्नी हैं, जो इस समय उप्र में रहते हैं। उनके परिवार के लोग अभी भी संजीवनी नगर, गढ़ा में रहते हैं।

ऐसे शुरू हुआ राजनीतिक सफर
शहर के राजनीतिक हलकों से जुड़े लोगों ने बताया कि पंकज चंदेल और केंद्रीय राज्यमंत्री प्रहलाद पटेल राजनीतिक रूप से करीबी थे। करीब बीस साल पहले पंकज जबलपुर छोडकऱ उत्तरप्रदेश चले गए। वहां उन्होंने अपना दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनेलाल पटेल का दामन थाम लिया। कुछ साल बाद पंकज का सोनेलाल की बड़ी बेटी पल्लवी के साथ विवाह हो गया। सोनेलाल के निधन के बाद अपना दल के दो हिस्से हो गए। एक (अपना दल-एस) अनुप्रिया पटेल का, जो भाजपा के साथ है। दूसरा (अपना दल-के) पंकज और पल्लवी का। पल्लवी ने सपा के साथ समझौता करके सिराथू से चुनाव लड़ा था। पल्लवी की ससुराल के करीबी लोग बताते हैं कि उन्हें जबलपुर से खासा लगाव है। वे यहां आती-जाती रहती हैं । 2021 में पल्लवी शहर आईं और यहां 15 दिन तक रुकी थीं। संजीवनी नगर क्षेत्र के लोगों में उनकी जीत को लेकर हर्ष है।