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दर्दनाक: कोरोना पॉजिटिव पति की मौत पर कोई रिश्तेदार नहीं आया, संक्रमित पत्नी ने किया अंतिम संस्कार

कोरोना काल में परिचितों ने भी छोड़ा साथ, रुला देगी ये सच्चाई

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first death in chhatarpur

first death in chhatarpur

जबलपुर। कोरोना को लोग जिस तरह से हल्केपन में ले रहे हैं, वे बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं। कोरोना से पीडि़त होने वालों से पूछ लीजिए कितनी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है एक कोरोना पॉजिटिव को। सामाजिक बहिष्कार से लेकर रिश्तेदारों तक का मुंह मोड़ लेना इसी बीमारी में दिखाई देता है। सबसे बड़ी बात मरने पर कोई रिश्तेदार या सगा संबंधी पूछने तक नहीं आता है और न खैर खबर लेता है। मदद की बात तो बहुत दूर की है। पत्रिका की यही सलाह है कि आप अपने और समाज की खैरियत चाहते हैं तो सावधानी बरतें कोरोना से जागरुकता ही बचा सकती है। एक कोरोना पॉजिटिव की मौत के बाद कुछ ऐसा ही वाक्या जबलपुर में देखने मिला है।

लोगों ने बनाई ली दूरी

कोरोना संक्रमित की मौत पर उनके अंतिम संस्कार से परिजन तक दूरी बना रहे हैं। वीएफजे से रिटायर विजय नगर निवासी 62 वर्षीय कोरोना संक्रमित की बुधवार को मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। मृतक की पत्नी और 93 वर्षीय मां भी संक्रमित पाए जाने पर कोविड वार्ड में भर्ती हैं। दम्पत्ति की कोई संतान नहीं है।
कोरोना संक्रमित की मौत पर प्रोटोकॉल के अनुसार मोक्ष संस्था के सदस्य अंतिम संस्कार करते हैं। गुरुवार को जब वृद्ध के अंतिम संस्कार के लिए उनके कोई परिजन सामने नहीं आए तो कोरोना संक्रमित पत्नी आगे आईं। उन्हें अंतिम संस्कार की प्रक्रिया की। मोक्ष संस्था के आशीष ठाकुर के अनुसार अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के दौरान परिवार के व्यक्ति का उपस्थित होना जरूरी है। कोई निकट परिजन नहीं आया तो मृतक की कोरोना संक्रमित पत्नी को पीपीई किट सहित अन्य सावधानी के साथ अलग वाहन में मुक्तिधाम तक लाया गया। उन्होंने पति का अंतिम संस्कार किया।

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आश्रमों में बाहर के लोगों के ठहरने पर लगाई रोक
ग्वारीघाट स्थित आश्रम में मिले कोरोना मरीजों को देखते हुए नगर के सभी आश्रमों में बाहर के लोगों के ठहरने पर रोक लगा दी गई है। ग्वारीघाट, जिलहरीघाट, तिलवाराघाट व नर्मदा के अन्य तटों के आसपास व नगर में कई ट्रस्टों के आश्रम हैं, जिनमें नर्मदा परिक्रमावासी से लेकर अन्य स्थानों से आने वाले बाहर के लोग ठहरते हैं। कोरोना संकट का खतरा लगातार बना हुआ है ऐसे में कलेक्टर व जिलादंडाधिकारी भरत यादव ने निर्देश जारी किया है कि नगर के आश्रम में बाहर के लोगों को नहीं ठहराया जा सकेगा। बुधवार रात आई रिपोर्ट में ग्वारीघाट आश्रम में ठहरे नौ लोगों की रिपोर्ट पॉजीटिव आई थी। इसके मद्देनजर कलेक्टर ने ये निर्णय लिया। नगर में ऐसे आश्रम बड़ी संख्या में हैं जिनमें बाहर से आने वाले लोग ठहरते हैं।