पैरा मेडिकल कॉलेज छात्रवृत्ति फर्जीवाड़े में वसूलना हैं 14 करोड़, 10 में होगी वसूली
जबलपुर. पैरा मेडिकल कॉलेज छात्रवृत्ति फर्जीवाड़े में दोषी संस्थाओं से वसूली के लिए राज्य सरकार ने मप्र हाईकोर्ट से 10 का समय मांगा है। सरकार ने यह भी बताया कि एक दिन में 90 लाख रुपए वसूले गए हैं और राशि नहीं चुकाने वाले 15 से अधिक संस्थानों को सील किया गया है। अब इस मामले में 10 मई की तारीख सुनवाई के लिए तय की गई है। इस मामले पर लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। इस पर चीफ जस्टिस रवि मलिमठ और जस्टिस विशाल मिश्रा की पीठ के समक्ष बुधवार को भी सुनवाई हुई।
सरकार ने पैरा मेडिकल कॉलेजों से वसूली के लिए हाईकोर्ट से 10 दिन का समय मांगा
स्टेट्स टेकन रिपोर्ट में कोर्ट को बताया एक दिन में ₹90 लाख वसूले
कोर्ट के आदेश पर सरकार की ओर से स्टेट्स टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। जिसमें बताया गया कि एक दिन में पैरा मेडिकल कॉलेज से 90 लाख रुपए वसूल किए गए हैं। वहीं, राशि जमा नहीं कराने वाले जबलपुर के 8 पैरामेडिकल कॉलेजों को सील कर दिया गया है और इंदौर के सात संस्थानों के खाते फ्रीज करा दिए गए हैं। सरकार ने वसूली के लिए 10 दिन का और समय देने का अनुरोध किया गया।
वसूलना हैं 14 करोड़
पैरा मेडिकल कॉलेजों में छात्रवृत्ति के नाम पर 2010 से 2015 के बीच करोड़ों रुपए का फर्जीवाड़ा किया गया था। छात्रों के दस्तावेज लगाकर फर्जी प्रवेश दिए गए और उसी को आधार बनाकर सरकार से छात्रवृत्ति की राशि वसूल ली थी। जांच में करोड़ों की रिकवरी निकली और एफआइआर भी हुई। अभी 14 करोड़ रुपए की वसूली किया जाना है। जिसके लिए सरकार ने 10 दिन का समय मांगा है।