28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

parents : माता-पिता को प्रताड़ित करने वाले सिविल इंजीनियर बेटे को खाली करना होगा मकान

parents : बुजुर्ग माता-पिता को प्रताड़ित करने वाले को एक महीने के अंदर मकान खाली करना होगा।

2 min read
Google source verification
parents

parents

parents : बुजुर्ग माता-पिता को प्रताड़ित करने वाले को एक महीने के अंदर मकान खाली करना होगा। भरणपोषण अधिनियम के प्रकरण में कलेक्टर न्यायालय ने ये फैसला सुनाया। कलेक्टर दीपक सक्सेना ने कहा कि माता-पिता को वृद्धावस्था में पुत्र और परिवार के साथ लड़ाई-झगड़ा और मारपीट जैसी स्थिति का सामना करना पड़े, यह चिंताजनक है। ऐसी स्थिति में अपीलार्थी को स्व-निर्मित सपत्ति में जीवन के अंतिम पड़ाव पर शांतिपूर्ण जीवन जीने का अधिकार है।

parents : नागपुर में चल रहा दोनों का इलाज

कलेक्टर कोर्ट में प्रस्तुत अपील में 77 वर्षीय प्रकाशचंद्र कश्यप ने बताया कि वे पत्नी के साथ गणेशगंज बड़ा पत्थर रांझी में स्वनिर्मित दो मंजिला मकान में रहते हैं। छठीं बटालियन से सेवानिवृत्त होने के बाद मिल रही पेंशन से अपना व पत्नी का भरण पोषण करते हैं। दोनों का इलाज नागपुर में चल रहा है। उनके दो बेटे हैं। दोनों की शादी हो चुकी है। बड़ा बेटा मुकेश उनके बनाए मकान की निचली मंजिल में पत्नी के साथ रहता है। वहीं, वीकल फैक्टरी में कार्यरत छोटा पुत्र राकेश मकान के प्रथम तल पर पत्नी के साथ रह रहा है।

parents : बेटा इंजीनियर

प्रकाशचंद ने बताया कि बेटा मुकेश सिविल इंजीनियर है। प्रतिमाह 40 हजार रुपए कमाता है। लेकिन, वह और उसकी पत्नी आए दिन उनसे लड़ाई-झगड़ा करती है। उन्होंने अपने आवेदन में स्वास्थ्य खराब होने से स्वयं के बनाए मकान को अनावेदक मुकेश से खाली कराने का आग्रह किया था। यह भी कहा था कि मुकेश असामाजिक तत्वों के साथ रहता है। मारपीट कर उनसे पेंशन के पैसे भी ले लेता है।

parents : कलेक्टर सक्सेना ने दोनों पक्षों को सुनने और एसडीएम रांझी के पारित आदेश में पाया कि प्रकाशचंद्र ने अपने आवेदन में अनुविभागीय राजस्व अधिकारी रांझी के पास आवेदन दिया था कि उनके बेटे से उनका मकान खाली कराया जाए। लेकिन, इस पर कोई आदेश नहीं दिया गया।