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जबलपुर। आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा के मामले में एसटीएफ ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। एसटीएफ को अब तक की जांच में मिले सबूत को अनुसार 25 से अधिक आरोपित इस गिरोह में शामिल हैं। इनमें से आठ पुलिस की विभिन्न यूनिटों में तैनात एसआई, सिपाही और हवलदार हैं। एसटीएफ की टीम सभी के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटा रही है, ताकि उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
ये है मामला
दिसंबर 2017 को छठवीं बटालियन में आरक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत शारीरिक प्रवीणता परीक्षा का आयोजन किया गया। 10 दिसम्बर को योगेश गुर्जर के स्थान पर मनीष पांडे शारीरिक परीक्षण में शामिल होने पहुंचा। बटालियन ने उसे पकड़। दोनों के खिलाफ रांझी थाने में प्रकरण दर्ज किया गया। इसके बाद फर्जीवाड़े में शामिल राहुल पांडे और राहुल गुर्जर को भी गिरफ्तार किया गया। मामला संवेदनशील होने के कारण इसकी जांच पुलिस मुख्यालय ने जबलपुर पुलिस से लेकर एसटीएफ को दे दी थी।
पहले तीन, फिर खुले पांच और नाम
दिसंबर में रांझी पुलिस की जांच मेें खुलासा हुआ कि भर्ती प्रक्रिया में चल रहे फर्जीवाड़े में 15 लोग शामिल हैं। इसमें एक एसआई और पुलिस के दो जवान भी हैं। तीनों के नामों का खुलासा होने पर एसटीएफ ने जांच की, तो कई और वर्दीवालों के नाम उजागर हुए। एसटीएफ सभी की कॉल रिकॉर्ड डीटेल्स भी खंगाल रही है।
व्यापमं से मांगी जानकारी
एसटीएफ की जबलपुर यूनिट ने हाल ही में व्यावसायिक परीक्षा मंडल भोपाल को पत्र लिखकर पांच अन्य वर्दीवालों के परीक्षा से सबंधित दस्तावेज मांगे हैं। बताया जा रहा है कि इन दस्तावेजों में अंगूठे और हस्ताक्षर की जांच उक्त पांच वर्दीवालों के मूल हस्ताक्षर से की जाएगी। इसमें गड़बड़ी मिलने पर उन्हें दबोचा जाएगा।
सबूत जुटाए जा रहे हैं
जबलपुर एसटीएफ प्रभारी हरिओम दीक्षित के अनुसार व्यापमं को पत्र लिखकर आरक्षक भर्ती परीक्षा से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं। मामले में 25 से अधिक आरोपितों में से आठ पुलिस विभाग की विभिन्न यूनिटों में पदस्थ हैं। सभी के खिलाफ सबूत जुटाए जा रहे हैं।
Published on:
07 Apr 2018 10:06 am
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