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most powerful cannon in india सबसे खतरनाक तोप में चीन की सेंधमारी, इन अफसरों ने की देश से गद्दारी

सबसे खतरनाक तोप में चीन की सेंधमारी, इन अफसरों ने की देश से गद्दारी  

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china president

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जबलपुर। देश की सबसे खतरनाक तोप मानी जाने वाली धनुष तोप में चीनी माल लगाने वाले अधिकारियों की शामत आ गई है। इसे देश से गद्दारी का नाम दिया जा रहा है। रक्षा मंत्रालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। धनुष तोप का निर्माण जबलपुर में किया गया है। जो टेस्टिंग के दौरान फेल हो गई थी। जब इसकी जांच हुई तो पता चला कि चीनी कंपनी से मिलकर कुछ अधिकारियों ने इसमें नकली सामान लगा दिए थे। जिसकी जांच करने सीबीआई की टीम जबलपुर पहुंची है।

news fact- रेकॉर्ड किए गए बयान, सीबीआइ ने खरीदी पर दागे सवाल तो जीसीएफ अफसरों की फूली सांसें

दिल्ली से आए सीबीआइ के अधिकारियों ने गन कैरिज फैक्ट्री (जीसीएफ) के अधिकारियों से धनुष तोप की बेयरिंग खरीदी की प्रक्रिया के सम्बंध में बयान दर्ज किए। उनसे पूछा गया कि इसमें क्या कार्यप्रणाली अपनाई जाती है? नियम क्या हैं? यदि वह उनकी जानकारी में थे, तो फिर दिल्ली की सिद्ध सेल्स सिंडिकेट नाम की कंपनी के मामले में नियमों का पालन किया गया कि नहीं? इन तमाम सवालों के जवाब देने में अधिकारियों की सांस फूलती रही। फैक्ट्री के कॉन्फ्रेंस हॉल में एक-एक कर अधिकारियों के बयान रेकॉर्ड किए। जहां अटल बिहारी ने किया परमाणु परीक्षण, वहीं गरजी ये खतरनाक तोप, चीन, पाकिस्तान दहले

एक साल बाद फिर से आया जांच दल हर पहलू की बरीकी से जांच कर रहा है। इससे पहले सीबीआइ ने सप्लायर सिद्ध सेल्स सिंडिकेट के अधिकारियों से भी इस विषय में पूछताछ की। सूत्रों ने बताया कि वहां जांच और कंपनी के अधिकारियों के बयान में कुछ आधार मिलने के बाद ही सीबीआइ ने फिर से जबलपुर की तरफ रुख किया। जांच दल इस बात की पतासाजी कर रहा है कि गड़बड़ी कहां हुई? आखिरकार मेड इन जर्मनी बताकर चीन का बेयरिंग यहां कैसे पहुंचा?


जांच स्थल पर कड़ा पहरा
जीसीएफ के प्रशासनिक भवन के जिस कान्फ्रेंस हॉल में जीसीएफ में पदस्थ एवं पूर्व के अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है, वहां कड़ा पहरा है। दरबानों को भी तैनात किया गया है। जिन अधिकारियों के नाम बयान की लिस्ट में है, उनके अलावा कोई भी वहां भटक नहीं रहा।


आयुध निर्माणी बोर्ड की नजर
सीबीआइ की फिर शुरू हुई जांच पर आयुध निर्माणी बोर्ड भी नजर रख रहा है। बोर्ड के अधिकारी जीसीएफ प्रबंधन ने रोज की कार्रवाई की रिपोर्ट ले रहे हैं। क्योंकि, मामला बोर्ड के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट धनुष तोप से जुड़ा है। भले ही सेना के ट्रायल में यह तोप पास हो गई हो, लेकिन इस तरह की जांच से उपयोगकर्ता शक की नजर से देखने लगता है।