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लाख की कीमत 500 रुपए प्रति किलो, बिचौलिए 80 रुपए में ही हड़प ले रहे

जबलपुर जिले के ग्रामीणों के बीच पहुंचे एसएफआरआई के वैज्ञानिक तो खुला राज  

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Madan Mahal hills

Madan Mahal hills

यह है िस्थति
-60 परिवार जुड़े
-50 किलो प्रतिमाह उत्पादन
-1 क्विंटल उत्पादन की संभावना
-450 से 500 रुपए प्रति किलो है बाजार में दाम

जबलपुर। जिले के ग्रामीण जंगल में जाकर लाख एकत्र करते हैं। लेकिन, उन्हें कलेक्शन और उत्पादन की आधुनिक तकनीक की जानकारी नहीं है। गांव के लोगों से बिचौलिए सस्ते दाम में लाख खरीदकर उसे दस गुना कीमत में बाजार में बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं। यह मामला पनागर के पास डोंगर बरेड़ा और इससे लगे गांव का है। यहां लाख उत्पादन को लेकर राज्य वन अनुसंधान संस्थान वैज्ञानिकों की टीम सोमवार को पहुंची। जब पूरी बात गांव वालों को वैज्ञानिकों ने बताई तो वो भी दंग रह गए।

80 रुपए किलो में खरीदी
बिचौलिए ग्रामीणों से 70 से 80 रुपए प्रति किलो में लाख खरीदकर ले जाते हैं। जबकि इसका बाजार मूल्य 400 से 500 रुपए है। वैज्ञानिकों ने ग्रामीणों को इसके उत्पादन की जानकारी दी गई। लाख उत्पादन का पलाश के वृक्ष पर फील्ड प्रदर्शन कराया गया। परियोजना अन्वेषक वैज्ञानिक डॉ. अनिररूद्ध मजूमदार, बलराम लोधी ने बताया कि बिना पेड़ों को नुकसान पहुंचाए लाख प्राप्त की जा सकती है। इसका उत्पादन करने के बारे में बताया गया। 60 लोगों ने इसके बारे में प्रशिक्षण लिया।

प्रोसेसिंग यूनिट लगाने का प्रयास
गांव के सरपंच अजय गोंटिया, ग्राम वन समिति अध्यक्ष संत लाल राय, ग्राम वन समिति अध्यक्ष बडेरा संतोष भूमिया ने कलेक्टर से पहल कर प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की बात कही है।


जिले के आदिवासी बहुल क्षेत्र में लाख की खेती की संभावना है। किसान खेती के साथ लाख कीट पालन कर अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं। तकनीकी ज्ञान व जागरुकता के अभाव में लाख का उत्पादनकम हो रहा है।
-अमिताभ अग्निहोत्री, डॉयरेक्टर, एसएफआरआई