
radiology and X-ray
radiology and X-ray : कभी रेडिएशन के खौफ से नजरअंदाज की जाने वाली रेडियोलॉजी और एक्स-रे की दुनिया आज युवाओं का सपना साकार कर रही है। बीमारी की सटीक पहचान और इलाज में डायग्नोसिस की बढ़ती अहमियत ने मेडिकल फील्ड में रेडियो डायग्नोसिस को जॉब का जरिया बना दिया है। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज, जबलपुर में रेडियोलॉजी की 7 एमडी सीटें और 19 रेडियोग्राफर सीटें हर साल युवाओं की पहली पसंद बन रही हैं। डिग्री से लेकर डिप्लोमा तक, यह फील्ड अब नौकरी के साथ-साथ अपना डायग्नोसिस सेंटर शुरू करने का सुनहरा मौका दे रहा है।
एआई, रोबोटिक्स और 3डी प्रिंटिंग ने रेडियोलॉजी को नेक्सट लेबल पर पहुंचा दिया है। नैनो टेक्नोलॉजी और जेनेटिक्स का उपयोग से मर्ज की सटीक जानकारी मिल रही है। फेफड़े, कैंसर, हृदय रोग, न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर जैसी बीमारियों की पहचान में ये तकनीकें कारगर हो रही है। रेडियोलॉजी अब इलाज का आधार बन गई है।
कभी रेडिएशन और स्वास्थ्य जोखिमों के कारण युवा रेडियोलॉजी ब्रांच से कतराते थे, लेकिन आज एडवांस तकनीक एमआरआई, सीटी स्कैन, पीईटी व डिजिटल एक्स-रे ने न सिर्फ बीमारी पकडऩा आसान बनाया, बल्कि इसमें सुरक्षित और आकर्षक कैरियर भी बना दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि लेड एप्रिन और रेडिएशन चेक से सुरक्षा मिली।
● एमबीबीएस के बाद एमडी (3 साल)
● डिप्लोमा इन मेडिकल रेडियोग्राफी (2 साल)
● अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन जैसे शॉर्ट-टर्म कोर्स में सर्टिफिकेट
● रेडियोलॉजी से एमडी 7 सीट
● रेडियोग्राफर की 19 सीट
radiology and X-ray : रेडियोलॉजी में पिछले सालों में एडवांसमेंट हुआ है। सीटी स्कैन, एमआरआई, पेट स्कैन, अल्ट्रासाउंड, आईवीयू, आईवीपी, मेमोग्राफी जैसी जांच की सुविधा होने से बीमारी का समय पर पता लगाने में मदद मिल रही जो इलाज में भी मददगार हो रहा है। ऐसे में इस ब्रांच में अवसर बढ़े हैं यही कारण है कि युवा अब रेडियोलॉजी, एक्सरे फील्ड में कैरियर बनाने आगे आ रहे हैं और यह फील्ड उनकी पसंदीदा ब्रांच बनती जा रही है।
Published on:
26 Mar 2025 12:08 pm
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