
crop damage
जबलपुर। सोमवार की रात आठ बजे तेज हवा के साथ हुई बर्बादी की बारिश ने धान के खेतों में जमकर कहर बरपाया। बारिश के साथ हवा की मार में खेतों में खड़ी की खड़ी फसल बिछ गई। मोटा अनुमान लगाया जा रहा है कि कुदरत की इस मार से धान की फसल को 40 से 50 प्रतिशत नुकसान पहुंचा है। जबलपुर जिले में धान का कटोरा कहे जाने वाले लमकना लखनपुर क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक ग्रामों के खेतों में बेमौसम हुई बारिश का सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। लमकना हरसिंघी सुनगवा बिलगवा भीटा मुरेठ बटरंगी लखनपुर देवरी सहजपुरा आलासूर सिमरिया बघेली
सगोड़ी जुनवानी निगवानी उत्तम किस्म की धान की पैदावार पूरे क्षेत्र में बहुतायत में होती है ।
इस वर्ष औसत से अधिक बारिश होने से पूरे क्षेत्र में धान उपज की बढ़ोतरी तेजी से हुई । किसान खेतों में लहलहाती धान की फसल देख बहुत खुश था, उसे बड़ी आशा थी कि इस वर्ष धान में मुनाफा कमायेगा। लेकिन सोमवार को हुई बर्बादी की बारिश ने उसकी सारी आशाओं में पानी फेर दिया। भारत कृषक समाज के केके अग्रवाल भारत किसान यूनियन जिला अध्यक्ष रमेश पटेल संरक्षक सुबोध पांडे तहसील अध्यक्ष रामगोपाल पटेल छोटे पटेल जतिन अग्निहोत्री किसान यूनियन तहसील अध्यक्ष सुरेश पटेल सुरेंद्र पटेल सुशील पटेल केके पटेल ने एसडीएम सिहोरा से प्राकृतिक आपदा में सिहोरा मझौली तहसील के क्षतिग्रस्त हुए धान की फसल का तुरंत सर्वे कराकर पीड़ित किसानों को मुआवजा वितरण कराए जाने की मांग की है।
Published on:
12 Oct 2022 03:11 pm
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