
रघुकुल रीति निभाई, पिता की आज्ञा पालन में वनवास गए प्रभु राम
जबलपुर। रामलीला समिति गढा़ के मंच पर बुधवार को श्रीराम के वनगमन की लीला का प्रभावी मंचन किया गया। अयोध्या वासियों ने उन्हें रोकने की भरसक कोशिश की लेकिन वचनों से बंधे श्री राम ने सभी को प्रेम पूर्वक समझाया। इसके उपरांत भगवान राम ने निषाद से नाव को लाने कहा, परंतु केवट ने नाव लाने से मना कर दिया इस आग्रह के साथ कि प्रभु आपके चरणों की रज जब पत्थर को भी नारी बना देती है, तो फिर मेरी लकड़ी की नाव का क्या होगा। इस ²श्य को देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। भगवान की आरती समिति के संचालक अशोक मनोध्याय, अभिजात कृष्ण त्रिपाठी, सुरेश विचित्र, अभिमन्यु जैन, यूएस दुबे, भाजपा प्रांत कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, सनातन धर्म महासभा के अध्यक्ष श्याम साहनी, संयोजक एडवोकेट प्रवेश खेड़ा, मनीष खरे, छाया अरुण मिश्रा, नीना उपाध्याय, प्रतिभा उपाध्याय एवं इंदू प्यासी ने की। इसके उपरांत निर्देशक राजेश मिश्रा, सह निदेशक मोती शिवहरे एवं पात्र प्रतिनिधि राजा पांडे के सफल मार्गदर्शन में कैकई दशरथ संवाद की लीला का मंचन हुआ। इसके उपरांत भगवान श्रीराम माता सीता एवं लक्ष्मण के साथ वन की ओर प्रस्थान कर गए।
सदर रामलीला में भाव विभोर हो गए श्रद्धालु
धनुष यज्ञ रामलीला समिति सदर के मंच पर बुधवार को भगवान राम ने पिता की आज्ञा व रघुकुल की रीति का पालन करते हुए वन की ओर प्रस्थान किया। पात्रों की शानदार संवाद अदायगी से दर्शक भाव विभोर हो गए। गुरुवार को केवट संवाद, दशरथ मरण की लीला का मंचन किया जाएगा। अध्यक्ष सीताराम कुरचनिया, अभिषेक चौकसे, मधुर तिवारी, डॉ. शंकर पांडे, आशीष पाठक, संतोष तिवारी, मनु अवस्थी, रजनीकांत अवस्थी, शिव शंकर मिश्रा, संतोष तिवारी, राहुल रजक, मनोहर अग्निहोत्री, नरवद गुप्ता, पापा यादव, अमरचंद बावरिया, विनय शर्मा, रितेश तिवारी, गुड्डा दीक्षित, प्रचार मंत्री धनंजय वाजपेयी, प्रहलाद श्रीवास्तव, रमेश, डीपी कमल, शिवदत्त चौबे, आवेश तिवारी उपस्थित थे।
गोङ्क्षवदगंज में चित्रकूट सभा
गोङ्क्षवदगंज रामलीला में बुधवार को भरत मिलाप व चित्रकूट सभा की लीला मंचित की गई। लीला में माता कौशल्या से भरत ने कहा कि माता कैकेई के कारण आज मैं कुल कलंकी हो गया। सारा संसार मुझे भाई विरोधी और पितृ हंता के नाम से पहचानेगा। इस पर मां कौशल्या ने कहा कि तुम्हारा ऐसा सोचना ठीक नहीं। सब विधि का विधान है। गुरुवार को सीताहरण की लीला का मंचन होगा। लीला में बुधवार को पूरी अयोध्या के साथ राम को मनाने पहुंचे भरत ने श्रीराम को मनाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन श्रीराम नहीं माने। उन्होंने कहा कि पिताश्री की आज्ञा अनुसार मेरा वन में रहना ही ठीक है। इसके बाद भरत ने भी राज्य त्यागते हुए कहा कि आप अपनी खड़ाऊं दे दीजिए, मैं उन्हीं को राज ङ्क्षसहासन पर रख कर शत्रुघन से राज्य संचालित कराउंगा, और स्वयं वनवासी भेस में अयोध्या के बाहर रहूंगा। भरत -श्रीराम के प्रेम की जीवंत अभिव्यक्ति देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। भरत के रूप मे प्रवर शर्मा ने सराहनीय अभिनय किया। गुरुवार को मंच पर सीताहरण की प्रभावी लीला का मंचन होगा। अध्यक्ष पं. अनिल तिवारी ने बताया कि गुरुवार को रामलीला की सबसे प्रसिद्ध लीला सीता हरण के लिए पात्रों ने जोरदार तैयारियां कीं हैं। शूर्पणखा चरित्र, खरदूषण वध, रावण मृदंग वादन भी आज ही होगा।
गोकलपुर में धनुष यज्ञ
हरिहर रामलीला समिति गोकलपुर के मंच पर मंगलवार को धनुष यज्ञ व परशुराम लक्ष्मण संवाद के प्रसंगों का मंचन किया गया। दिनेश आचार्य, महेंद्र शुक्ला, विष्णु दयाल पांडे ने पूजन किया। अध्यक्ष एडवोकेट जगदीश कनौजिया ने बताया कि बुधवार को श्रीराम की बारात निकाली जाएगी व रामविवाह का प्रसंग मंचित किया जाएगा। पवन जैन, धीरेंद्र यादव, निर्देशक शंकर राजभर, गोपाल यादव, छन्नू दहायत, सुरेश गुप्ता का सहयोग था।
वीएफजे में अहिल्या उद्धार
व्हीकल फैक्ट्री रामलीला जबलपुर के मंच पर बुधवार को अहिल्या उद्धार व पुष्पवाटिका के प्रसंग का मंचन हुआ। गुरुवार को श्रीराम बारात निकलेगी व राम-सीता के विवाह की लीला मंचित की जाएगी। व्हीकल फैक्ट्री के मुख्य महाप्रबंधक अशोक गुप्ता, जीआईएफ के जनरल मैनेजर राजीव कुमार, समिति के राजेश मिश्रा , विकास केवट, रमेश मिश्रा, मुकेश शर्मा, अभिनंदन ङ्क्षसह उपस्थित थे।
घमापुर में कैकई संवाद
गिरजा शंकर रामलीला घमापुर के मंच पर बुधवार को कैकई मंथरा संवाद राम वन गमन की लीला का मंचन हुआ। समिति के अध्यक्ष एडवोकेट श्याम चंद्र तिवारी, निर्देशक कमलेश तिवारी, बलराज सोनकर, अरुण सोनकर, डॉक्टर शिव मणि मिश्रा, विष्णु दीक्षित, राजेश सेन, ओम तिवारी, अभय तिवारी, अतुल दीक्षित, जुम्मन पटेल थे।
Published on:
29 Sept 2022 06:23 pm
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