
rani durgavati statue
जबलपुर। गढ़ा गोंडवाना का इतिहास गौरवपूर्ण है। यहां रानी दुर्गावती का शासन था, जिसकी वीरगाथाएं आज भी यहां की वादियों में गूंजाएमान हैं। ताल तलैयों की देन रानी की ही है। उसके इतिहास से आने वाले पीढिय़ां गर्व महसूस करेंगी। गुलौआ ताल में रानी की प्रतिमा लगाने का वादा तो किया जाता है, लेकिन पूरा करने में हीलाहवाली होने लगती है। ये सत्याग्रह आंशिक है चेतावनी देने के लिए, जिम्मेदार नहीं जागे तो उग्र आंदोलन भी होगा। यह बात कांग्रेस सेवादल की प्रदेश महासचिव रुकमणि गोंटिया ने गुलौआ ताल में आयोजित एक दिवसीय सत्याग्रह में कहीं। इस दौरान गोंडवाना समाज के लोगों समेत कांग्रेस के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
रुकमणी गोंटिया ने बताया कि इसके पूर्व भी एक बार गोंडवाना समाज द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा लगाए जाने का विरोध और रानी की प्रतिमा लगाने की मांग को लेकर अनशन कर चुके हैं। जिसके बाद नगर सरकार ने प्रतिमा को जल्द से जल्द लगाने का आश्वासन दिया था। दो साल बीत जाने के बाद भी उनकी मांग को पूरा नहीं किया गया है। आश्वासन को याद दिलाने के उद्देश्य से नगर कांग्रेस सेवादल, कांग्रेस ग्रामीण के संयोजन में आंशिक सत्याग्रह किया गया है।
Published on:
27 Jun 2020 02:35 pm
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