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अब अमर हो गए ये दुर्लभ जानवर, इन वैज्ञानिकों ने किया कमाल

अमर हो गए जानवर

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rare animals Immortals animals of india

rare animals Immortals animals of india

जबलपुर. दुर्लभ वन्य जीवों और विलुप्त हो रही गौवंश की प्रजातियों को संरक्षित करने के लिए वेटरनरी विश्वविद्यालय में जीनोम बैंक (स्पर्म बैंक) बनाया जाएगा। इससे विलुप्त होने की कगार पर पहुंची वन्य प्रजातियों का स्पर्म प्रिजर्व किया जाएगा। इससे उनकी नस्ल बढ़ाने के साथ ही पारिस्थतिकी संतुलन भी कायम रखा जा सकेगा। वीयू के वन्यप्राणी विशेषज्ञों की ओर से तैयार किए गए प्रोजेक्ट को इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च (आइसीआर) ने सहमति दे दी है। प्रिसिंपल चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट ने भी अनुंशसा कर दी है। जीनोम बैंक मध्य प्रदेश का पहला और देश का तीसरा बैंक होगा। दो अन्य जीनोम बैंक करनाल और हैदराबाद में हैं।


4 करोड़ होंगे खर्च
जीनोम रिसोर्स बैंक(जीआरबी) को स्टेट फॉरेस्ट डिपार्टमेंट ने सहमति दे दी है। इसे स्कूल ऑफ वाइल्ड लाइफ फॉरेंसिक एंड हैल्थ में स्थापित किया जाएगा। प्रोजेक्ट पर चार करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें पांच लाख सैम्पल रखे जा सकेंगे। प्रोजेक्ट से जुड़े वैज्ञानिक डॉ. बीसी सरखेल ने बताया, जीआरबी के लिए वन्य प्राणी की मौत के 4 से 6 घंटे के भीतर बायोलॉजीकल सैम्पल लिए जाएंगे। इसमें प्रजनन अंग, एम्ब्रीयो, त्वचा और कान शामिल हैं। इस सैम्पल से डीएनए एनालिसिसि किया जाएगा।
ये है जीनोम- मानव और पशुओं का शरीर लाखों कोशिकाओं से मिलकर बना होता है। जीनो के इस विशाल समूह को जीनोम कहा जाता है। हर कोशिका में केंद्रक और गुणसूत्र होते हैं। सैम्पल को लिक्विड नाइट्रोजन के कंटेनर में रखा जाएगा, जिसका तापमान 192 डिग्री सेल्सियस होगा।

दुर्लभ प्रजातियों के स्पर्म को प्रिजर्व करने की कवायद
जीनोम बैंक स्थापित होने से दुलर्भ प्रजातियो को संरक्षित किया जा सकेगा। जीनोम उपलब्ध होने पर एपीजेनेटिक विश्लेषण संभव हो सकेगा। इसके लिए आइसीएआर और फॉरेस्ट विभाग ने सहमति दी है।
डॉ. पीडी जुयाल,
कुलपति, वेटरनरी विवि


इन पर मंडरा रहा खतरा- बाघ, बारहसिंगा, लेपर्ड, इंडियन बायसन, पैंगोलिन, सांभर, वाइल्ड डॉग, माउस डियर, मोर, जंगली बैल, बंदर, मृग आदि।
विलुप्त होने के कारण- - प्राकृतिक आवास की कमी - शिकार और अवैध शिकार - प्रदूषण विशेष रूप से प्लास्टिक प्रदूषण - प्राकृतिक आपदा, बीमारी
04 करोड़ रुपए होंगे खर्च
05 लाख सैम्पल प्रिजर्व करने की क्षमता
50 से ज्यादा वन्य प्रजातियां प्रदेश में खतरे में
20 गौवंशीय प्रजातियां भी
03 जीनोम बैंक होगा


विलुप्त हो चुकी प्रजातियां
32 मछलियां
02 उभयचर
21 सरीसृप
83 स्तनधारी
113 पक्षी
98 बिना रीढ़ के जंतु