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रामायण से जुड़ी जगहें हैं पर सबूत नहीं, श्रीलंका के संस्कृति मंत्री विदुर विक्रमनायके ने पत्रिका से बातचीत में कहा
राम और रामायण से सम्बंधित पर्यटन बढ़ाने के लिए होगा कार्य
एक्सक्लूसिव
राहुल मिश्रा, जबलपुर.
श्रीलंका में राम, रावण और रामायण से जुड़े स्थल तो हैं। लेकिन इस बात के कोई पुख्ता साक्ष्य अब तक नहीं मिले हैं कि ये स्थल श्रीराम या रावण से जुड़े हैं। हमारी सरकार ने इस बात की खोज करवाने का निर्णय लिया है कि क्या सचमुच इन स्थलों का रामायण से कोई सम्बंध था। इसकी योजना पर काम हो रहा है। श्रीलंका के संस्कृति मंत्री विदुर विक्रमनायके ने शुक्रवार को पत्रिका से चर्चा करते हुए यह कहा। वे यहां एक आयोजन में शामिल होने आए हैं।
सरकार ने बनाई योजना, फंड भी निर्धारित-
उन्होंने कहा कि रामायण से जुड़े स्थल श्रीलंका में कई जगह हैं। लेकिन इनके बारे में जनश्रुतियां ही हैं। रामायण से जुड़ी घटनाओं और चरित्रों के सम्बंध में हमारे पास पुरातात्विक साक्ष्य नहीं है। हम चाहते हैं कि भारत के लोग यहां आएं और रामायण से जुड़े स्थलों को देखें। कहा जाता है कि रावण की लंका अब समुद्र के नीचे है। हम इसकी खोज करवाएंगे। हमारी सरकार ने इसके लिए योजना बनाई है। फंड देने का भी तय किया है।
श्रीलंका में नहीं है राम मंदिर-
विक्रमनायके ने कहा कि श्रीलंका में श्रीराम से सम्बंधित कोई प्राचीन मंदिर भी नही है। देश के उत्तरी भाग में ही आबादी के कुल 10 प्रतिशत हिन्दू रहते हैं। यहां विष्णु भगवान के मन्दिर तो बहुत हैं, लेकिन श्रीराम का एक भी विशिष्ट मन्दिर नहीं है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में इस बात से भी इनकार किया कि श्रीलंका में पहले हिन्दू धर्म का अस्तित्व था। उन्होंने कहा कि पहले श्रीलंका के लोग प्रकृति की पूजा करते थे। किसी धर्म का पालन करने का कोई इतिहास नहीं है।
रामेश्वरम से शुरू होगी रामायण ट्रेल-
विक्रमनायके ने कहा कि रामायण से जुड़े स्थलों की खोजकर उनमें से कुछ को चिन्हित कर विकसित किया जाएगा। ताकि पर्यटक आसानी से पहुंच सकें। भारत से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने रामायण ट्रेल की शुरुआत जल्द की जाएगी। इसके तहत रामेश्वरम से काम शुरू होगा। भारत से आने वाले धार्मिक पर्यटकों को विशेष सुविधाएं दी जाएंगी।
Updated on:
07 Jan 2023 12:16 pm
Published on:
07 Jan 2023 12:11 pm
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