
Rani Durgavati University Jabalpur
जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय प्रशासन परीक्षा कार्य में सहयोग नहीं करने वाले प्राध्यापकों (Professors) के नाम अब राजभवन एवं उच्च शिक्षा विभाग को भेजे जाएंगे। एेसे प्राध्यापकों (Professors) के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत वेतन काटने, इंक्रीमेंट रोकने जैसी कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन समय पर परीक्षाएं कराने एवं समय पर परीक्षा परिणाम जारी करने को लेकर उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश के तहत यह कार्रवाई कर रहा है।
1200 प्रोफेसर की है जरूरत
स्नातक और स्नातकोत्तर की विश्वविद्यालयीन परीक्षाओं में उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन के लिए करीब १२०० प्राध्यापकों की आवश्यकता है। इसमें से मात्र १५ फीसदी सरकारी कॉलेजों के प्रोफेसर ही सहयोग करते हैं। ८५ फीसदी प्राध्यापक निजी कॉलेजों से लिए जाते हैं।
गड़बड़ा रहा एकेडमिक कैलेंडर
सूत्रों के अनुसार विश्वविद्यालय का एकेडमिक कैलेंडर प्रभावित हो रहा है। प्रश्न पत्र बनाने और कॉपियों का मूल्यांकन करने में में प्राध्यापकों द्वारा जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं करने से विवि प्रशासन को परेशानी हो रही है। हाल ही में राजभवन में विवि समन्वय समिति की बैठक में यह मामला उठा था। इसमें विश्वविद्यालयों ने कहा कि शासकीय कॉलेजों के प्राध्यापकों के असहयोग से समस्या हो रही है। विवि प्रशासन को ऐसे प्राध्यापकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई प्रस्तावित करने के लिए निर्देश दिए गए हैं।
परीक्षा कार्य में शासकीय कॉलेजों के जो प्राध्यापक असहयोग करेंगे, उनके खिलाफ विवि प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। उनके नाम उच्च शिक्षा विभाग को अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए भेजे जाएंगे।
प्रो. एनजी पेंडसे, एग्जाम कंट्रोलर रादुविवि
Published on:
31 Oct 2019 06:33 pm
बड़ी खबरें
View Allजबलपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
