विश्वविद्यालय की आंतरिक महिला हिंसा उत्पीडऩ कमेटी ने जांच से इंकार कर दिया था। इसके बाद हाईकोर्ट के निर्देश पर पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। समिति में अधिवक्ता सरोज तिवारी को अध्यक्ष, महिला बालविकास विभाग की परियोजना अधिकारी कांता देशमुख, सामाजिक कार्यकर्ता रीना वासनिक, अंशुमन शुक्ला एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी एमएल मेहरा सदस्य हैं। जांच कमेटी ने उक्त घटनाक्रम से जुड़े सभी पक्षों को अलग-अलग दिनों में बुलाते हुए बयान दर्ज कराए हैं।