18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

 इन ग्रन्थों में है नर्मदा का वर्णन, आप भी जानें इसका महत्व

नर्मदा का वर्णन कई धार्मिक ग्रंथों में है। इसको अलग-अलग नामों से संबोधित किया गया है...

2 min read
Google source verification

image

neeraj mishra

Dec 18, 2016

narmada

narmada

जबलपुर। मध्यप्रदेश की जीवनदायिनी नर्मदा को शुद्ध रखने के लिए मध्यप्रदेश सरकार नर्मदा सेवा यात्रा निकाल रही है। यह नदी केवल प्रदेश जीवन रेखा ही नहीं बल्कि इसका धार्मिक महत्व भी है। कई धार्मिक ग्रंथों में नर्मदा का वर्णन किया गया है। कहा जाता है कि जो पुण्य यमुना में दस दिन स्नान करने के बाद और गंगा में एक बार स्नान करने से मिलता है, वही पुण्य नर्मदा के केवल दर्शन मात्र से प्राप्त होता है। हम यहां विभिन्न ग्रंथों में हुए नर्मदा के वर्णन के बारे में चर्चा करेंगे।


नर्मदा के कई नाम

स्कंद पुराण में नर्मदा नदी का वर्णन रेवाखंड के अंतर्गत किया गया है। कालिदास के मेघदूतम में नर्मदा को रेवा का संबोधन मिला है, जिसका अर्थ होता है पहाड़ी चट्टानों से कूदने वाली। अमरकंटक में सुंदर सरोवर में स्थित शिवलिंग से निकलने वाली इस पावन धारा को रुद्र कन्या भी कहते हैं। वहीं मेकल पर्वत सेे निकलने के कारण इसे मेकलसुता भी कहा गया है।


यहां है नर्मदा का वर्णन

- स्कंद पुराण में नर्मदा के बारे में बताया गया है।
- गुप्तकालीन अमरकोश में भी नर्मदा का जिक्र किया गया है। नर्मदा को सोमोद्भवा कहा गया है।
- रघुवंश में नर्मदा का उल्लेख किया गया है।


- कालिदास की कृति मेघदूत में नर्मदा का उल्लेख है। रेवा और नर्मदा दोनों नाम का संबोधन है।
- वाल्मीकि रामायण में नर्मदा को एक युवती नारी के रूप में वर्णत किया गया है।
- विष्णुपुराण में नर्मदा का उल्लेख किया गया।


- महाभारत में नर्मदा का वर्णन किया गया है। इसका उद्गम ऋक्षपर्वत से बताया गया है।
- भीष्म पर्व में नर्मदा का गोदावरी नदी के साथ उल्लेख किया गया है।
- श्रीमद्भागवत गीता में रेवा और नर्मदा नाम से उल्लेख है।
- शतपथ ब्राम्हण ने रेवोत्तरस की चर्चा की है।
- पाणिनि महिष्मति के रूप में नर्मदा का वर्णन किया है।
- मतस्य पुराण और पद्यपुराण में नर्मदा का उल्लेख है।

matsy puran

परिक्रमा का है विधान

धार्मिक ग्रंथों में केवल एक ही नदी ऐसी है जिसकी परिक्रमा के बारे में चर्चा की गई है। नर्मदा ही विश्व की एकमात्र नदी है जिसकी परिक्रमा की जाती है। हजारों श्रद्धालु प्रतिवर्ष इसकी परिक्रमा करते हैं। अमरकंटक से लेकर खंभात की खाड़ी तक इसकी परिक्रमा की जाती है।

ये भी पढ़ें

image